खीरी। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले से एक बेहद सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। पीड़ित रामदयाल ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाते हुए आरोप लगाया है कि उसकी पत्नी अपने मायके वालों के साथ मिलकर घर से जेवर और बच्चा लेकर चली गई, जबकि विरोध करने पर उसके बुजुर्ग पिता को लाठी-डंडों और लात-घूसों से बेरहमी से पीटा गया। हैरानी की बात यह है कि पीड़ित ने थाने में शिकायत भी दी, लेकिन कई दिनों बाद भी पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।
जानकारी के अनुसार ग्राम जमुनिया थाना शारदानगर निवासी रामदयाल ने मुख्यमंत्री को भेजे शिकायती पत्र में बताया कि 2 मई 2026 की रात करीब 11 बजे वह घर पर मौजूद नहीं था। इसी दौरान उसकी पत्नी लक्ष्मी देवी ने अपने मायके पक्ष के लोगों चुन्ना पुत्र मनोहर, बलवीर पुत्र मिश्री लाल और लज्जावती पत्नी बलवीर निवासी ग्राम लखाही थाना पढुआ को घर बुला लिया। आरोप है कि इसके बाद लक्ष्मी देवी अपने मायके वालों के साथ घर छोड़कर जाने लगी।
पीड़ित के अनुसार जब उसके पिता चेतराम ने बहू को रोकने की कोशिश की तो विवाद अचानक हिंसक हो गया। आरोप है कि तीनों लोगों ने मिलकर बुजुर्ग चेतराम के साथ गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी देते हुए लाठी-डंडों तथा लात-घूसों से जमकर मारपीट कर दी। मारपीट में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद आरोपी पक्ष महिला को लेकर वहां से चला गया।
रामदयाल का आरोप है कि उसकी पत्नी घर में रखे जेवरात और एक बच्चे को भी अपने साथ ले गई। घटना के अगले ही दिन 3 मई को उसने थाना शारदानगर पहुंचकर लिखित शिकायत दी, लेकिन कई दिन गुजर जाने के बावजूद न तो एफआईआर दर्ज हुई और न ही किसी आरोपी पर कार्रवाई की गई। पीड़ित का कहना है कि पुलिस की निष्क्रियता के चलते उसका परिवार दहशत में है और आरोपियों से लगातार खतरा बना हुआ है।
पीड़ित ने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाते हुए मामले में तत्काल एफआईआर दर्ज कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर शिकायत मिलने के बाद भी पुलिस कार्रवाई करने से क्यों बच रही है। पूरे इलाके में इस घटना को लेकर चर्चा तेज हो गई है और ग्रामीणों में भी पुलिस रवैये को लेकर नाराजगी देखी जा रही है।

