गया (महकार)। थाना महकार क्षेत्र के ग्राम जगडीहा–बेलदारी में 18 वर्षीय युवक शशि कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। परिजनों का दावा है कि आधी रात को आए एक फोन कॉल के बाद शशि घर से निकला और दो दिन बाद उसका शव तेतरिया पुल के दक्षिण दिशा में पईन से बरामद हुआ। परिवार ने इसे सुनियोजित हत्या बताते हुए पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है और मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मृतक की पहचान शशि कुमार (28) पुत्र दिनेश चौहान, निवासी ग्राम जगडीहा, पोस्ट नादरा, थाना महकार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार 28 जनवरी 2026 की रात करीब 9 बजे शशि के मोबाइल नंबर 9608662974 पर एक कॉल आया। इसके बाद वह पैदल ही घर से निकल गया। मां सुनीता देवी ने जब 10:30 बजे फोन मिलाया तो नंबर लगातार बिजी मिला। परिवार को लगा कि वह दोस्तों के साथ वीडियो बना रहा होगा, क्योंकि शशि सोशल मीडिया पर सक्रिय था।
जब देर रात तक वह नहीं लौटा तो 30 जनवरी को परिवार थाने गया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने से इनकार कर दिया और यह कहकर टाल दिया कि “शशि किसी लड़की के साथ भाग गया होगा।” इसके बाद परिवार और ग्रामीणों ने खुद खोजबीन शुरू की।
31 जनवरी को तेतरिया पुल के पास पईन में एक शव मिलने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर परिजनों ने उसकी पहचान शशि कुमार के रूप में की। पुलिस ने मोबाइल सीडीआर निकाला तो अंतिम कॉल कथित तौर पर उसी गांव की युवती बसुन्धरा कुमारी (पिता बास्कीत चौहान) से पाया गया। परिजनों ने आरोप लगाया कि युवती से जुड़े लोगों की भूमिका संदिग्ध है।
मृतक के भाई रवि कुमार ने मीडिया को बताया कि आरोपी पक्ष के घर से खून के निशान और अन्य संदिग्ध सबूत मिले हैं। पुलिस ने अब तक तीन लोगों को हिरासत में लिया है, लेकिन परिवार का कहना है कि मुख्य साजिशकर्ता अभी भी खुले घूम रहे हैं और युवती ने पूरे नाम नहीं बताए हैं।
परिवार की अंतिम मांग और भावनात्मक अपील:
परिजनों ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वे किसी से बदला नहीं चाहते, केवल सच्चाई और न्याय चाहते हैं। परिवार का कहना है, “हम सिर्फ इंसाफ चाहते हैं। हमें जानना है कि हमारे भाई का असली गुनहगार कौन है और उसने ऐसा क्यों किया। अगर कोई गलती थी तो कानून सजा देता, लेकिन किसी को इस तरह मारकर फेंक देना अमानवीय है।”
परिवार ने मांग की है कि मामले को समय रहते गंभीरता से लिया जाए, निष्पक्ष जांच हो, सभी आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी हो और जरूरत पड़ने पर सीबीआई जांच कराई जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि न्याय नहीं मिला तो बड़ा आंदोलन होगा।
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच चल रही है, कॉल डिटेल, लोकेशन और फॉरेंसिक साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक जांच के बाद ही मौत के कारण स्पष्ट होंगे।

