काशी में उस समय विवाद की स्थिति बन गई जब एक जिज्ञासु युवक 23 अप्रैल को शंकराचार्य स्वामी निश्चलानंद सरस्वती से धार्मिक और वैचारिक प्रश्न पूछने पहुंचा। बताया जा रहा है कि युवक अपने सवालों के जवाब जानने की इच्छा से वहां उपस्थित हुआ था और उसने क्रमवार कई प्रश्न रखे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बातचीत के दौरान माहौल धीरे धीरे गंभीर होता गया। युवक का दावा है कि उसके पूछे गए कुछ सवालों पर उसे संतोषजनक उत्तर नहीं मिला, जिसके बाद वह वहां से लौटने लगा।

इसी बीच मामला अचानक गरमा गया। युवक और उसके परिजनों का आरोप है कि शंकराचार्य के कुछ शिष्य इस घटनाक्रम से नाराज हो गए और उन्होंने युवक के साथ मारपीट की। आरोप यह भी है कि युवक की बड़ी बहन के साथ धक्का मुक्की की गई और उनका मोबाइल फोन छीनने की कोशिश की गई।
घटना के बाद मौके पर अफरा तफरी का माहौल बन गया। पीड़ित पक्ष ने इस पूरे मामले को गंभीर बताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। वहीं घटना का वीडियो और मोबाइल रिकॉर्डिंग भी चर्चा का विषय बनी हुई है, जिसे लेकर लोग अलग अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं।
फिलहाल इस मामले में आधिकारिक स्तर पर क्या कार्रवाई हुई है, इसकी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच होती है तो पूरी सच्चाई सामने आ सकती है।
काशी में हुई इस घटना ने धार्मिक मंचों पर संवाद और सवाल पूछने की स्वतंत्रता को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। अब सबकी नजर प्रशासन और संबंधित पक्षों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है।
ई खबर मीडिया से निर्भय सिंह की रिपोर्ट


