औरंगाबाद (बसंतपुर)। पंचायत करमा, थाना बसंतपुर के वार्ड नंबर 13 अंतर्गत चार परिवार पिछले कई वर्षों से बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। गांव से करीब आधा किलोमीटर दूर बसे इन घरों तक आज तक पक्की सड़क नहीं बनी, जिससे लोगों का जीवन नारकीय हो गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि हर पांच साल में सरपंच बदलते रहे, लेकिन किसी ने उनकी समस्या पर ध्यान नहीं दिया। सरकारी योजनाओं का लाभ भी इन परिवारों तक नहीं पहुंच पा रहा है।
पीड़ित ग्रामीण सिकंदर पासवान ने बताया कि उनके साथ कुल चार घर इस बस्ती में रहते हैं, जो मुख्य गांव से अलग-थलग हैं। यहां न सड़क है, न नाली और न ही साफ पेयजल की व्यवस्था। बरसात के दिनों में पूरे इलाके में कीचड़ और पानी भर जाता है, जिससे घर से बाहर निकलना तक मुश्किल हो जाता है। छोटे-छोटे बच्चों को स्कूल जाने में भारी परेशानी होती है और कई बार वे गिरकर घायल भी हो जाते हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि वे कई बार मुखिया और सरपंच आनंद साहब से सड़क निर्माण और अन्य सुविधाओं की मांग कर चुके हैं, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन मिलता है। पंचायत स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हुई और न ही उन्हें मनरेगा, आवास योजना या अन्य सरकारी लाभ मिल सके हैं। चार घर होने के कारण प्रशासन उन्हें नजरअंदाज कर रहा है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि एंबुलेंस, राशन, पानी और अन्य जरूरी सेवाएं भी इस इलाके तक नहीं पहुंच पातीं। किसी की तबीयत खराब होने पर चारपाई या बाइक से मरीज को मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है। रात के समय यह रास्ता और भी खतरनाक हो जाता है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द पक्की सड़क बनाई जाए और उन्हें सभी सरकारी योजनाओं का लाभ दिया जाए। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
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