“मारो साला दुषाध… नीच जाति हमारे घर के सामने जानवर छोड़ता है”–पीड़ित परिवार का आरोप
लखीसराय जिले के किऊल थाना क्षेत्र के सिंहचक गांव से एक बेहद सनसनीखेज और दहलाने वाला मामला सामने आया है। शुक्रवार 14 नवंबर की शाम करीब आठ–नौ बजे पूनम देवी का मवेशी गलती से खुलकर गांव के ही कपिल यादव के दरवाजे पर चला गया। बस इसी बात पर शुरू हुआ विवाद अचानक हिंसक हो उठा। पूनम देवी जब अपना मवेशी लेने पहुंचीं, तो आरोप है कि कपिल यादव ने उन्हें भद्दी–भद्दी जातिसूचक गालियां देते हुए धक्का–मुक्की शुरू कर दी।
हो-हल्ला सुनकर पूनम देवी के पति रोशन पासवान मौके पर पहुंचे, तो कपिल यादव ने उन्हें भी गंदी जातिसूचक गालियां देते हुए थप्पड़–लात से मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि मामला यहीं नहीं रुका। थोड़ी देर बाद कपिल यादव अपने परिवार के चार सदस्यों के साथ लाठी–डंडा, रॉड और दबिया लेकर सीधे पासवान परिवार के घर पर चढ़ आया।
पीड़ित परिवार का कहना है कि हमलावरों में कपिल यादव (55), उसका बेटा गोलू यादव (23), बेटी दौलत कुमारी (20) और पत्नी मीरा देवी (51) शामिल थे। इन सभी ने मिलकर घर में घुसकर हमला बोला। इसी दौरान गोलू यादव ने दबिया से पूनम देवी के देवर कुंदन कुमार के सिर पर वार कर दिया, जिससे सिर फट गया और उसे करीब 12 टांके आए। उसकी हालत इतनी गंभीर हुई कि सदर अस्पताल लखीसराय से तुरंत PMCH पटना रेफर कर दिया गया, जहां वह अब भी नाजुक स्थिति में जिंदगी से संघर्ष कर रहा है।
हमले में पूनम देवी के पति रोशन पासवान का हाथ और कंधा लाठी की मार से टूट गया। बीच–बचाव करने आई उनकी सास सुमा देवी और खुद पूनम देवी को भी बुरी तरह पीटा गया, जिससे दोनों के हाथ टूट गए। पीड़िता का आरोप है कि हमले के दौरान यादव परिवार लगातार जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करता रहा और कहता रहा—“मारो साला दुषाध… नीच जाति हमारे घर के पास जानवर छोड़ देता है।”
ग्रामीण सूत्रों के अनुसार, गांव में पासवान जाति का केवल एक ही परिवार है, जिससे मामले की संवेदनशीलता और बढ़ जाती है। बताया जा रहा है कि पटाखे की तेज आवाज से पहले मवेशी बिदककर खुल गया था, जिसके बाद यह पूरी घटना घटित हुई। लेकिन आरोप है कि छोटी सी बात पर यादव परिवार ने योजनाबद्ध तरीके से घर पर हमला कर दिया।
पीड़ित परिवार ने अनुसूचित जाति/जनजाति थाना लखीसराय में लिखित आवेदन देकर सभी आरोपितों पर SC/ST एक्ट सहित गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। घटना के बाद से गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है।
अभी तक पुलिस ने कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की है जिसकी वजह से परिवार चाहता है कि प्रशासन संज्ञान ले और कार्रवाई हो

