पड़ोसी देश बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों पर कट्टरपंथी तत्वों द्वारा किए जा रहे कथित अत्याचारों को लेकर देशभर में आक्रोश का माहौल है। इसी क्रम में रविवार को वाराणसी जिले के कपसेठी चौराहे पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों ने जनाक्रोश रैली निकालकर बांग्लादेश सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और बांग्लादेश के प्रधानमंत्री मुहम्मद यूनुस का पुतला दहन कर विरोध जताया।
वही प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि बांग्लादेश में कट्टरपंथी तत्वों द्वारा लगातार हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है। वही हाल ही में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास को केवल हिंदू होने के कारण इस्लामिक कट्टरपंथियों द्वारा जिंदा जलाए जाने की घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस घटना को लेकर भारत के विभिन्न राज्यों में विरोध प्रदर्शन,रैलियां और ज्ञापन देने का सिलसिला जारी है।
कपसेठी चौराहे पर आयोजित इस जनाक्रोश रैली में विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ताओं के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर बांग्लादेश सरकार और वहां सक्रिय कट्टरपंथी संगठनों के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद चौराहे पर बांग्लादेश के प्रधानमंत्री मुहम्मद यूनुस का पुतला दहन कर आक्रोश प्रकट किया गया।
कार्यक्रम के आयोजक एवं ग्राम प्रधान प्रतिनिधि गगन सिंह ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार किसी भी सभ्य समाज के लिए शर्मनाक हैं। उन्होंने भारत सरकार से मांग की कि वह इस मामले को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर मजबूती से उठाए और बांग्लादेश सरकार पर दबाव बनाए,ताकि वहां के हिंदू समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि यदि अत्याचार नहीं रुके तो आगे भी आंदोलन जारी रहेगा।
इस विरोध प्रदर्शन में विधायक प्रतिनिधि अदिति सिंह,प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष राकेश कुमार सिंह,ग्राम प्रधान सुजीत कुमार,ग्राम प्रधान रबिंद्र कुमार,शंतोष सिंह शशिकांत शुक्ला,प्रधान प्रतिनिधि गुंजन सिंह, संधर्ष विश्वकर्मा,राम विलास पटेल,भाजपा मंडल अध्यक्ष अभिसेक दुबे,सर्वेश पाठक सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और विहिप कार्यकर्ता शामिल रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनी रही और पुतला दहन के बाद प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
ग्रामीणों और कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में मांग की कि बांग्लादेश में हिंदुओं की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो,ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

