लखनऊ।
जुनून, जज्बा और जुगाड़ अगर साथ हो तो साधारण सोच भी असाधारण आविष्कार में बदल जाती है। लखनऊ के चिनहट थाना क्षेत्र निवासी 45 वर्षीय राजीव कुमार सिंह ने कुछ ऐसा ही कर दिखाया है। महज चार दिनों में उन्होंने एक ऐसी साइकिल तैयार कर दी है, जो पारंपरिक साइकिलों की तुलना में कम मेहनत में ज्यादा रफ्तार देती है। यह अनोखी साइकिल इन दिनों इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
राजीव कुमार सिंह, पिता रमापति सिंह, मूल रूप से लखनऊ जिले के रहने वाले हैं। तकनीकी डिग्री या किसी बड़ी फैक्ट्री का सहारा लिए बिना, उन्होंने अपने अनुभव और प्रयोगशील सोच के दम पर यह साइकिल बनाई है। उनका दावा है कि इस साइकिल को चलाने में पैरों पर कम दबाव पड़ता है, जिससे लंबी दूरी तय करना आसान हो जाता है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, राजीव कुमार ने इस साइकिल के डिजाइन में ऐसा बदलाव किया है जिससे पैडलिंग ज्यादा प्रभावी हो गई है। नतीजा यह है कि साइकिल कम ऊर्जा में ज्यादा गति पकड़ लेती है। यही वजह है कि पहली नजर में देखने वाले भी इसकी स्पीड देखकर हैरान रह जाते हैं।
राजीव कुमार का कहना है कि उनका उद्देश्य आम लोगों के लिए ऐसी साइकिल बनाना है, जो न सिर्फ सस्ती हो बल्कि मेहनत भी कम कराए। उनका मानना है कि अगर इस मॉडल को सही सहयोग और संसाधन मिले, तो यह भविष्य में पर्यावरण के अनुकूल और किफायती परिवहन का बेहतर विकल्प बन सकता है।
फिलहाल यह अनोखी साइकिल क्षेत्र में कौतूहल का विषय बनी हुई है। लोग इसे देखने पहुंच रहे हैं और सोशल चर्चा के जरिए यह प्रयोग तेजी से पहचान बना रहा है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन या किसी बड़ी संस्था की नजर इस देसी इनोवेशन पर कब पड़ती है।
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