स्कूल गेम्स में पारदर्शिता की नई शुरुआत
फर्जीवाड़े पर रोक की कवायद
इ खबर रिपोर्टर – मोइनुद्दीन कुरैशी
चित्तौड़गढ़, 07 जनवरी। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SGFI) ने 69वीं विद्यालय स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं से ही पारदर्शिता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए एक मजबूत और तकनीकी व्यवस्था लागू की है। देशभर में आयोजित होने वाली विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में इस वर्ष खिलाड़ियों के लिए बायोमेट्रिक सत्यापन प्रणाली अनिवार्य की गई है, जिससे केवल योग्य और पात्र खिलाड़ियों की ही भागीदारी सुनिश्चित हो सके।
इस व्यवस्था का उद्देश्य खिलाड़ी चयन से लेकर प्रतियोगिता संचालन तक की पूरी खेल प्रक्रिया में निष्पक्षता और पारदर्शिता लाना है। चित्तौड़गढ़ में आयोजित 69वीं राष्ट्रीय विद्यालयी हैंडबॉल प्रतियोगिता के दौरान SGFI के ऑब्जर्वर एवं फील्ड ऑफिसर लियाक खान ने बताया कि विगत वर्षों की तुलना में फेडरेशन ने अपनी प्रक्रियाओं में आमूलचूल सुधार किए हैं। लियाक खान के अनुसार, फेडरेशन ने खेलों के संचालन को पारदर्शी और भरोसेमंद बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।
पारदर्शिता के लिए उठाए गए कदम
1.सालभर पहले गेम्स प्लान तय
ऑब्जर्वर खान के अनुसार प्रतियोगिताओं का वार्षिक कैलेंडर साल की शुरुआत में ही घोषित कर दिया जाता है, जिससे खिलाड़ियों और आयोजकों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके।
फेडरेशन की यह पहल न केवल विद्यालयी खेलों की साख को मजबूत कर रही है, बल्कि प्रतिभावान खिलाड़ियों को उनका वास्तविक हक दिलाने की दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हो रही है।
2.निरंतर अपडेट होती वेबसाइट
SGFI की आधिकारिक वेबसाइट को नियमित रूप से अपडेट किया जा रहा है, ताकि खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और स्कूल प्रशासन को त्वरित व प्रामाणिक जानकारी मिल सके।
3.ऑनलाइन विजेता प्रमाण पत्र व्यवस्था
विजेता टीमों के खिलाड़ियों के प्रमाण पत्र वेबसाइट पर ऑनलाइन उपलब्ध कराए गए हैं। इन प्रमाण पत्रों पर बारकोड अंकित होता है, जिसे स्कैन करते ही खिलाड़ी से संबंधित पूरी जानकारी एक क्लिक पर सामने आ जाती है। इससे किसी भी चयन प्रक्रिया में फर्जीवाड़े की संभावना समाप्त हो जाती है।

