वाराणसी।
रोहनिया थाना क्षेत्र के बुनकर कॉलोनी करसड़ा इलाके में सोमवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। घर में रखे फ्रिज का कंप्रेसर अचानक फटने से भीषण आग लग गई, जिसने कुछ ही मिनटों में पूरे कमरे को अपनी चपेट में ले लिया। इस आग में फ्रिज, कूलर, एलईडी टीवी, पंखे, बेड, अलमारी, सिलाई मशीन, इनवर्टर, वाशिंग मशीन सहित अन्य घरेलू सामान जलकर पूरी तरह राख हो गया। हादसे में करीब तीन से चार लाख रुपये के नुकसान का अनुमान लगाया जा रहा है।
पीड़ित अहमद अली उर्फ समीर खान पुत्र स्व. जमालुद्दीन, निवासी बुनकर कॉलोनी करसड़ा 19/8 थाना रोहनिया ने पुलिस को दी जानकारी में बताया कि 19 जनवरी 2026 को दोपहर करीब 1 बजे उनकी पत्नी कनिज फातिमा घर का कमरा बाहर से बंद कर पास के मोहल्ले में किसी काम से गई थीं। इसी दौरान कमरे में रखे फ्रिज का कंप्रेसर अचानक फट गया, जिससे आग लग गई और देखते ही देखते पूरा कमरा धुएं और लपटों से भर गया।
धुआं उठता देख आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही परिवार और पड़ोसी मौके पर पहुंचे और फायर ब्रिगेड को बुलाया लेकिन करीब देर से 2 घंटे लेट मौके पर पहुंची जिस वजह से आज तेज गति से बढ़ती गई और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि तब तक घर में रखा लगभग सारा सामान जल चुका था। आग की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि मकान की दीवारें भी क्षतिग्रस्त हो गईं और घर रहने लायक नहीं बचा।
अगर फायर ब्रिगेड समय से पहुंच जाती तो शायद ज्यादा नुकसान नहीं होता
पीड़ित अहमद अली ऑटो चलाकर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। उनके परिवार में पत्नी के अलावा तीन छोटे बच्चे हैं—उजैर अली (11 वर्ष), सुजान अली (6 वर्ष) और अरस अली (5 वर्ष)। इस हादसे के बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी और रहने का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। पीड़ित का कहना है कि आग में घर का सारा जमा-पूंजी खत्म हो गई और अब बच्चों के भविष्य की चिंता सता रही है।
घटना की सूचना पर रोहनिया थाने में जनरल डायरी संख्या 053, दिनांक 19 जनवरी 2026, समय 17:30 बजे इत्तेफाकिया सूचना के रूप में दर्ज की गई। थाना प्रभारी के आदेश पर मामले की जांच उपनिरीक्षक श्याम बाबू को सौंप दी गई है। पुलिस द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन से आर्थिक सहायता की मांग की है। उनका कहना है कि यदि सरकारी मदद नहीं मिली तो परिवार के लिए दो वक्त की रोटी और बच्चों की पढ़ाई तक मुश्किल हो जाएगी। स्थानीय लोगों ने भी जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को राहत राशि, आवासीय सहायता और पुनर्वास उपलब्ध कराने की मांग की है।
इस हादसे ने एक बार फिर घरेलू बिजली उपकरणों की सुरक्षा और गरीब परिवारों के लिए आपदा राहत की जरूरत पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि प्रशासन पीड़ित परिवार की मदद के लिए कितनी जल्दी और क्या कदम उठाता है।
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