हरदोई जिले के सिकंदरपुर गांव से एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी है। मामला महिला थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां एक युवक की संदिग्ध हालात में मौत के बाद चार दिन बीत जाने के बावजूद न तो सच्चाई सामने आ सकी है और न ही पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सिकंदरपुर ग्राम सभा निवासी विद्या प्रकाश उर्फ बेटे जो खत्म विद्यासागर और शिवलाल पुत्र युवक की मौत संदिग्ध परिस्थितियों में हो गई थी। परिजनों का आरोप है कि युवक की मौत सामान्य नहीं थी और उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान मौजूद थे। हैरानी की बात यह है कि मौत के बाद 20 तारीख को शव में मिट्टी मिली हुई पाई गई, जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
परिजनों ने बताया कि घटना के तुरंत बाद शव को थाने ले जाया गया, लेकिन वहां से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। चार दिन बीत जाने के बावजूद न तो मुकदमा दर्ज हुआ और न ही किसी जिम्मेदार पर कोई कार्रवाई की गई है। पीड़ित परिवार लगातार थाने के चक्कर काट रहा है, लेकिन हर बार उन्हें केवल आश्वासन देकर लौटा दिया जा रहा है।
इस पूरे मामले में गांव के ही शिवलाल सिकंदरपुर और उनके परिवार पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में प्रभावशाली लोगों का दबदबा है, जिसके चलते पुलिस कार्रवाई करने से कतरा रही है। बताया जा रहा है कि ग्राम प्रधान सरोज मिश्रा का नाम भी चर्चा में है और पीड़ित पक्ष का आरोप है कि प्रभाव और रसूख के कारण मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।
ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि महिला थाना होने के बावजूद एक संवेदनशील मामले में कोई सुनवाई नहीं हो रही है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो वे आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
पीड़ित परिवार की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, पोस्टमार्टम रिपोर्ट की दोबारा समीक्षा हो और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। गांव में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है और लोग प्रशासन की चुप्पी पर सवाल उठा रहे हैं।
अब देखने वाली बात यह होगी कि हरदोई पुलिस और जिला प्रशासन इस सनसनीखेज मामले में कब तक चुप्पी तोड़ता है और पीड़ित परिवार को न्याय मिल पाता है या नहीं।

