34 घंटे तक चला धरना, मानी गईं समाज की प्रमुख मांगें
इ-खबर रिपोर्टर: मोइनुद्दीन कुरैशी
चित्तौड़गढ़ | बस्सी (राजस्थान)
दो दिन पूर्व बस्सी-पालका मार्ग पर हुए दर्दनाक सड़क हादसे के बाद गाड़िया लोहार समाज और प्रशासन के बीच आखिरकार सहमति बन गई। इस हादसे में गांव आवलहेड़ा (जिला चित्तौड़गढ़) की ओर आ रहे गाड़िया लोहार समाज के तीन युवक अज्ञात वाहन की टक्कर का शिकार हो गए थे। हादसा इतना भीषण था कि एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों को तत्काल चित्तौड़गढ़ जिला अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया गया, वहीं मृतक के शव को बस्सी अस्पताल की मोर्चरी में रखा गया। हादसे के बाद राजस्थान गाड़िया लोहार प्रणवीर सेवा संस्थान के नेतृत्व में समाज ने प्रशासन से मुआवजे व राहत की मांग को लेकर बस्सी अस्पताल के बाहर विशाल धरना-प्रदर्शन शुरू किया।
3 दिन तक चला धरना, 34 घंटे तक नहीं हुआ पोस्टमार्टम
मृतक को न्याय और पीड़ित परिवार को सहायता दिलाने की मांग को लेकर समाज ने करीब 3 दिन तक धरना दिया, वहीं लगभग 34 घंटे तक शव मोर्चरी में रखा रहा। धरने के चलते क्षेत्र में तनाव का माहौल बना रहा, लेकिन समाज अपनी मांगों पर अडिग रहा।
प्रशासन और समाज के बीच बनी सहमति
लगातार बातचीत और समझाइश के बाद आज प्रशासन और समाज के प्रतिनिधियों के बीच समझौता हुआ। इस दौरान एसडीएम चित्तौड़गढ़, तहसीलदार बस्सी, थाना अधिकारी बस्सी तथा जनप्रतिनिधि मौके पर पहुंचे और समाज के पदाधिकारियों से वार्ता की।
वार्ता के बाद प्रशासन ने समाज की प्रमुख मांगों को मानते हुए निम्न निर्णय लिए—
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मृतक के परिवार को ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) की आर्थिक सहायता
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हादसे में शामिल दो घायलों और एक मृतक (तीनों युवकों) को प्लॉट आवंटन
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मृतक के परिवार से एक सदस्य को तथा दोनों घायलों को संविदा पर नौकरी देने की सहमति
इन आश्वासनों के बाद समाज ने धरना समाप्त किया और शव का पोस्टमार्टम करवाने पर सहमति दी।
बड़ी संख्या में समाज के लोग रहे मौजूद
इस दौरान राजस्थान गाड़िया लोहार प्रणवीर सेवा संस्थान के कई पदाधिकारी और समाजजन मौजूद रहे। प्रमुख रूप से—
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एडवोकेट शंकर गाड़िया लोहार
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संगठन महामंत्री दिनेश
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कमल, रामलाल, विनोद, ओमप्रकाश, करण, लक्ष्मण, जगदीश, देवा परसौली, विक्रम, बद्री, नारायण पटेल, प्रभुलाल, पन्नालाल, चम्पालाल सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।
समाज ने जताया प्रशासन का आभार
समझौते के बाद समाज के नेताओं ने प्रशासन का आभार जताते हुए कहा कि यह निर्णय पीड़ित परिवार के लिए बड़ी राहत है। साथ ही उन्होंने भविष्य में सड़क सुरक्षा और हादसों की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाने की भी मांग की।

