नाबालिग बेटी मुस्कान के कई दिनों से लापता होने के बाद दर-दर भटकने को मजबूर है। परिवार का आरोप है कि बेटी बीते 28 मार्च 2026 की शाम करीब 8:30 बजे बिना बताए घर से चली गई थी, जिसके बाद से उसका अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है। लगातार बीतते दिनों के साथ परिवार की चिंता और डर बढ़ता जा रहा है।
पीड़ित पिता महेश पुत्र श्री झबुले, निवासी गांव गढ़ी, रेलवे स्टेशन के पास, पार्ट-2, गली नंबर 3, सादराणा की ढाणी, गुरुग्राम ने बताया कि उनकी बेटी मुस्कान नाबालिग है और उसके अचानक घर से गायब होने के पीछे किसी साजिश की आशंका है। महेश का कहना है कि उन्हें शक है कि किसी ने उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है।
महेश ने अपनी शिकायत में बताया कि बेटी के सामान की तलाशी लेने पर उसके कपड़ों में से तीन मोबाइल नंबर 7375037616, 8810428794 और 8920497343 मिले हैं। इन नंबरों के मालिकों के नाम अभी तक सामने नहीं आए हैं, लेकिन परिवार को गहरा संदेह है कि इन्हीं लोगों का इस पूरे मामले में हाथ हो सकता है। पिता ने आशंका जताई है कि उनकी बेटी के साथ कोई अनहोनी भी हो सकती है।
परिवार का आरोप है कि उन्होंने इस मामले की शिकायत पहले भी 1 अप्रैल 2026 को हयातपुर पुलिस चौकी में दी थी, लेकिन इतने दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। पिता का कहना है कि पुलिस की ढीली कार्यशैली के कारण अब तक उनकी बेटी का कोई पता नहीं चल सका है, जिससे पूरा परिवार सदमे और भय में जी रहा है।
महेश ने भावुक अपील करते हुए कहा कि उनकी बेटी को जल्द से जल्द सुरक्षित ढूंढा जाए। उन्होंने हाथ जोड़कर प्रशासन से गुहार लगाई है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत जांच तेज की जाए और जिन मोबाइल नंबरों पर शक है, उनकी कॉल डिटेल और लोकेशन की जांच की जाए।
कई दिनों से बेटी के लापता रहने के कारण परिवार की हालत बेहद खराब है। घर में मातम जैसा माहौल है और परिजन हर पल किसी अच्छी खबर का इंतजार कर रहे हैं। पिता का कहना है कि जब प्रशासन से मदद नहीं मिली तो मजबूरी में उन्हें मीडिया का सहारा लेना पड़ा, ताकि मामला सार्वजनिक हो और बेटी की तलाश में तेजी आए।
स्थानीय लोगों का भी कहना है कि नाबालिग लड़की के इतने दिनों तक लापता रहने के बावजूद कार्रवाई में सुस्ती बेहद चिंताजनक है। अब परिवार और क्षेत्र के लोग प्रशासन से सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर एक नाबालिग बच्ची की सुरक्षा को लेकर इतनी लापरवाही क्यों बरती जा रही है।

