सात फेरे, सात साल का रिश्ता और अब बेघर होने की नौबत, डेढ़ साल की मासूम बेटी के साथ दर-दर भटकने को मजबूर मीरा देवी, ससुराल वालों पर घर से निकालने का आरोप
सिवान। बिहार के सिवान जिले के नेतवार गांव की रहने वाली मीरा देवी की जिंदगी इन दिनों गहरे संकट से गुजर रही है। सात साल पहले बड़े अरमानों के साथ उनकी शादी गुहेश पासवान से हुई थी। शादी के बाद उन्होंने अपने परिवार को संभाला और डेढ़ साल पहले एक बेटी को जन्म दिया। लेकिन अब हालात ऐसे बन गए हैं कि उन्हें अपनी ही ससुराल में रहने का अधिकार नहीं मिल रहा है।
मीरा देवी का कहना है कि उनके पति गु गुदेश पासवान रोजगार के लिए विदेश में काम कर रहे हैं। पति के बाहर रहने के दौरान वह अपनी डेढ़ साल की बेटी के साथ ससुराल में रह रही थीं। उनका आरोप है कि अब ससुराल पक्ष उन्हें अपने साथ रखने को तैयार नहीं है। वह कहती हैं कि उन्हें बार-बार घर छोड़ने के लिए कहा जा रहा है, जिससे उनके सामने रहने और अपनी बच्ची की परवरिश का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
पीड़िता के अनुसार, उनके पास कोई स्थायी सहारा नहीं है। पति विदेश में होने के कारण वह अपनी समस्या सीधे उनके सामने भी नहीं रख पा रही हैं। ऐसे में वह सवाल उठा रही हैं कि आखिर वह अपनी मासूम बेटी को लेकर कहां जाएं। उनका कहना है कि यदि ससुराल में ही उन्हें रहने का अधिकार नहीं मिलेगा तो उनके और उनकी बच्ची के भविष्य का क्या होगा।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी विवाहित महिला को उसके वैवाहिक घर में रहने से रोका जाता है तो यह बेहद गंभीर सामाजिक और पारिवारिक मामला है। ऐसे मामलों में प्रशासन और महिला सुरक्षा से जुड़े विभागों को संवेदनशीलता के साथ हस्तक्षेप कर पीड़िता को न्याय दिलाने की जरूरत होती है।
मीरा देवी ने प्रशासन से मांग की है कि उनकी शिकायत की निष्पक्ष जांच कराई जाए और उन्हें तथा उनकी डेढ़ साल की बेटी को सुरक्षित रहने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि वह किसी से विवाद नहीं चाहतीं, बल्कि केवल अपने वैवाहिक जीवन और अपनी बच्ची के भविष्य को सुरक्षित रखना चाहती हैं।
फिलहाल इस मामले में ससुराल पक्ष का पक्ष सामने नहीं आया है। यदि उनका पक्ष सामने आता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा। अब यह देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और पीड़ित महिला को न्याय मिल पाता है या नहीं।

