बेंगलुरु में बीते साल RCB की विजय रैली के दौरान मची भगदड़ के केस में अब पूर्व सिटी पुलिस कमिश्नर समेत तीन IPS अधिकारियों को क्लीन चिट दे दी गई है। कर्नाटक सरकार ने ये फैसला किया है।
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में स्थित चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर बीते साल मची भगदड़ को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। कर्नाटक सरकार ने मंगलवार को बड़ा फैसला लेते हुए जून 2025 में स्टेडियम में मची भगदड़ में हुई मौतों के मामले में पूर्व सिटी पुलिस कमिश्नर बी. दयानंद समेत तीन IPS अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच खत्म कर दी और उन्हें क्लीन चिट दे दी है। आपको बता दें कि 4 जून 2025 को चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर मची भगदड़ में 11 लोगों की मौत हो गई थी और 50 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे।
कैसे मची थी मची भगदड़?
दरअसल, साल 2025 में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु की टीम ने IPL का खिताब जीता था। इस जीत का जश्न मनाने के लिए चिन्नास्वामी स्टेडियम के बाहर भारी भीड़ जमा हुई थी। हालांकि, इसी दौरान भगदड़ मच गई। इस घटना के बाद कर्नाटक के तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धरामैया ने भगदड़ और मौतों के लिए जिम्मेदार ठहराते हुए तत्कालीन पुलिस कमिश्नर दयानंद, एडिशनल कमिश्नर विकास कुमार विकास, तत्कालीन डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (सेंट्रल डिवीजन) शेखर और दो अन्य अधिकारियों (एक असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ पुलिस और एक पुलिस इंस्पेक्टर) को सस्पेंड कर दिया था।
सरकार ने क्या बताया?
इस फैसले को लेकर राज्य सरकार की ओर से मंगलवार को जारी सर्कुलर में कहा गया- “आरोपी अधिकारियों के बचाव पक्ष के बयान और प्रशासनिक विभाग की राय की समीक्षा करने के बाद, सक्षम अधिकारी ने अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच को खत्म करने का फैसला किया है।” सूत्रों ने बताया कि सस्पेंड किए गए ACP और इंस्पेक्टर के बारे में भी जल्द ही फैसला लिया जाएगा।
बेंगलुरु में हुई भगदड़ के बाद काफी हंगामा देखने को मिला था। इस मामले में कर्नाटक सरकार ने हाई कोर्ट को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। चिन्नास्वामी स्टेडियम के पास भगदड़ के मामले में जांच की स्टेटस रिपोर्ट में सारा दोष RCB प्रबंधन पर डाला गया था। स्टेटस रिपोर्ट में कई बड़े आरोप लगाए गए थे-:
कार्यक्रम की औपचारिक अनुमति नहीं ली गई
RCB ने पुलिस के इनकार को इग्नोर किया
कार्यक्रम में भारी भीड़ उमड़ी
आखिरी समय में पास की जरूरत के कारण भ्रम फैला
खराब क्राउड मैनेजमेंट था

