सोनभद्र/चंदौली/पाली। उत्तर प्रदेश के सोनभद्र, चंदौली और राजस्थान के पाली जिले से जुड़ा एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जिसने एक परिवार की चिंता को और गहरा कर दिया है। चंदौली निवासी शिमलावती ने आरोप लगाया है कि उनकी बहन सरिता, जो सोनभद्र जिले के पन्नूगंज थाना क्षेत्र के ग्राम निपनिया की रहने वाली हैं, पिछले करीब 20 दिनों से परिवार के संपर्क से पूरी तरह बाहर हैं। सबसे बड़ी चिंता यह है कि सरिता के साथ उनकी लगभग दो वर्षीय बेटी पल्लवी भी है। परिवार का कहना है कि मां-बेटी दोनों की कोई जानकारी नहीं मिल रही है और इसी कारण पूरा परिवार भय और मानसिक तनाव में है।
शिमलावती के अनुसार, सरिता की पहली शादी से उनकी एक बेटी पल्लवी है। बाद में पारिवारिक सहमति से 16 जून 2026 को सरिता का विवाह अशोक कुमार सिंह से कराया गया था। बताया गया कि अशोक कुमार सिंह के पिता का नाम जोड़ता राम है और उनका पता पुख्तरी गांव, पाली जिला, राजस्थान बताया जा रहा है। शादी के कुछ ही समय बाद अचानक सरिता और उसकी बेटी का परिवार से संपर्क टूट गया।
परिजनों का आरोप है कि पिछले लगभग 20 दिनों से जब भी वे अशोक कुमार सिंह या उनके परिवार से संपर्क कर सरिता के बारे में जानकारी मांगते हैं तो कथित तौर पर उन्हें यही कहा जाता है कि “सरिता हमारे पास नहीं है।” इतना ही नहीं, परिवार का आरोप है कि न तो सरिता से फोन पर बात कराई जा रही है और न ही यह बताया जा रहा है कि वह आखिर कहां है और किस स्थिति में है। इससे परिवार की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
शिमलावती का कहना है कि उन्हें किसी विवाद या आरोप-प्रत्यारोप से अधिक अपनी बहन और मासूम भांजी की सुरक्षा की चिंता है। उनका कहना है कि यदि सरिता सुरक्षित है तो कम से कम एक बार उससे बात करा दी जाए, ताकि परिवार को यह विश्वास हो सके कि वह और उसकी बेटी दोनों सकुशल हैं। उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा कि उन्हें केवल यह जानना है कि उनकी बहन और पल्लवी कहां हैं और किस हाल में हैं।
परिजनों का कहना है कि मां-बेटी के अचानक संपर्क से बाहर होने से पूरे परिवार की रातों की नींद उड़ गई है। रिश्तेदार लगातार तलाश में जुटे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी है। परिवार को डर है कि यदि समय रहते मामले की गंभीरता से जांच नहीं हुई तो कोई अप्रिय घटना भी सामने आ सकती है।
पीड़ित परिवार ने प्रशासन और संबंधित पुलिस अधिकारियों से मामले की निष्पक्ष एवं तत्काल जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सरिता और उसकी दो वर्षीय बेटी पल्लवी का जल्द से जल्द पता लगाया जाए तथा यदि वे सुरक्षित हैं तो उन्हें परिवार से बात करने का अवसर दिया जाए। वहीं यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या आपराधिक तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

