आपके दिए गए विवरण के आधार पर खबर को अधिक प्रभावी, विस्तृत और अखबारी शैली में तैयार किया है। आरोपों को आरोप के रूप में ही रखा गया है ताकि खबर तथ्यात्मक और संतुलित रहे।

Date:

जमीन पर कब्जे के विरोध में महिला ने लगाई न्याय की गुहार, बोलीं रो-रोकर प्रशासन से मांग रही सुरक्षा, विरोधियों पर गाली-गलौज और डंडा लेकर धमकाने का आरोप

गोरखपुर। कैंपियरगंज तहसील क्षेत्र के भगवानपुर गांव में जमीन के विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। पैतृक जमीन पर कथित कब्जे के प्रयास और लगातार हो रहे विवाद से परेशान इन्द्रजीत की पत्नी पुनिता सिंह ने प्रशासन से न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है। उनका आरोप है कि जमीन पर कब्जे का विरोध करने पर विरोधी पक्ष के लोग आए दिन उनके साथ गाली-गलौज और झगड़ा करते हैं। महिला का कहना है कि कई बार विरोधी डंडा लेकर उनके सामने खड़े हो जाते हैं और उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास करते हैं।

पुनिता सिंह ने अधिकारियों के सामने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि वह लंबे समय से अपनी जमीन और परिवार की सुरक्षा को लेकर परेशान हैं। उनका आरोप है कि विवादित जमीन पर कब्जा करने के लिए लगातार दबाव बनाया जा रहा है। विरोध करने पर कथित रूप से मारपीट और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जाती है। ऐसे में परिवार के लोग भय के माहौल में रहने को मजबूर हैं।

गाटा संख्या 220 में दर्ज है जमीन

मामले में इन्द्रजीत पुत्र सुखमंगल सिंह की ओर से जिलाधिकारी गोरखपुर को दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार उनके नाम गाटा संख्या 220 में 0.056 हेक्टेयर जमीन दर्ज है। आरोप है कि गांव के ही हीरा सिंह और नगीना सिंह पुत्रगण गुरदीन सिंह तथा मोनू, सोनू और दीपू पुत्रगण हीरा सिंह उनकी जमीन पर कथित रूप से कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।

इन्द्रजीत का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी जमीन पर कब्जे का विरोध किया तो उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और जमीन छोड़ देने के लिए धमकाया गया। उनका कहना है कि उन्हें यह तक धमकी दी गई कि यदि वह दोबारा अपनी जमीन पर आए तो उन्हें जान से मार दिया जाएगा।

विरोधियों की सूची में महावी सिंह, राधेश्याम सिंह, राजू सिंह, टिकू सिंह और गोलू सिंह के नाम भी सामने आए

पुनिता सिंह की ओर से लगाए गए आरोपों में महावी सिंह, राधेश्याम सिंह, राजू सिंह, टिकू सिंह और गोलू सिंह के नाम भी विरोधी पक्ष के लोगों के रूप में बताए गए हैं। पुनिता सिंह का आरोप है कि इन लोगों की ओर से जमीन को लेकर विवाद और दबाव बनाया जा रहा है। उनका कहना है कि आए दिन उनके साथ लड़ाई-झगड़ा और गाली-गलौज की स्थिति पैदा होती है।

महिला का आरोप है कि कई बार विरोधी पक्ष के लोग डंडा लेकर खड़े हो जाते हैं, जिससे उन्हें अपनी सुरक्षा को लेकर डर बना रहता है। पुनिता सिंह का कहना है कि वह किसी तरह का विवाद नहीं चाहतीं, बल्कि प्रशासन से केवल अपनी जमीन पर वैध अधिकार और अपने परिवार की सुरक्षा चाहती हैं।

खाली जमीन में मिट्टी डालकर कब्जे की कोशिश का आरोप

पुनिता सिंह ने अपने प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि उनकी पैतृक कब्जे वाली जमीन और मकान के आसपास मौजूद खाली भूमि को भी साजिश के तहत कब्जाने का प्रयास किया जा रहा है। आरोप है कि खाली जमीन में मिट्टी डालकर उस पर कब्जे की स्थिति बनाने की कोशिश की गई।

महिला का कहना है कि जब उन्होंने इस कार्रवाई का विरोध किया तो विवाद और बढ़ गया। आरोप है कि विरोध करने पर उन्हें गाली-गलौज का सामना करना पड़ा और कथित रूप से मारपीट तथा अन्य नुकसान की धमकियां दी गईं।

राजस्व टीम कर चुकी है मौके की जांच

प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि जमीन विवाद की जांच के लिए हल्का लेखपाल और राजस्व टीम मौके पर पहुंच चुकी है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि मौके पर जांच और समझाने का प्रयास किए जाने के बावजूद विवाद पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है।

पुनिता सिंह का आरोप है कि वह कई महीनों से संबंधित अधिकारियों के कार्यालयों में प्रार्थना पत्र देकर अपनी समस्या बता रही हैं, लेकिन विवाद का स्थायी समाधान नहीं हो सका है। अब उन्होंने उच्च अधिकारियों से मामले में गंभीरता से हस्तक्षेप करने की मांग की है।

रो-रोकर सुरक्षा की गुहार, बोलीं मेरा हक मुझे दिलाया जाए

पुनिता सिंह का कहना है कि जमीन का विवाद अपनी जगह है, लेकिन उन्हें सबसे अधिक चिंता अपनी और परिवार की सुरक्षा को लेकर है। उनका कहना है कि यदि विवाद इसी तरह चलता रहा तो किसी दिन कोई बड़ी घटना हो सकती है।

महिला प्रशासन से गुहार लगा रही हैं कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और जमीन की निष्पक्ष पैमाइश कराकर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। उनका कहना है कि यदि जांच में जमीन पर किसी प्रकार का अवैध कब्जा पाया जाता है तो उसे हटाकर उनका हक उन्हें दिलाया जाए।

डीएम समेत कई अधिकारियों को भेजी गई शिकायत

इन्द्रजीत की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र की प्रतिलिपि जिलाधिकारी, मंडलायुक्त, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक और अपर पुलिस महानिदेशक गोरखपुर जोन सहित संबंधित अधिकारियों को भेजे जाने का उल्लेख किया गया है।

पीड़ित परिवार की मांग है कि राजस्व विभाग की निगरानी में गाटा संख्या 220 की विधिवत पैमाइश कराकर जमीन की वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए। साथ ही धमकी, गाली-गलौज और विवाद के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

शेयर बाजार की कमजोर शुरुआत! सेंसेक्स 280 अंक टूटा, Indigo और बजाज फाइनेंस में दिखी तेज गिरावट

हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार को भारतीय शेयर...

राजातालाब में निकली विशाल तिरंगा पदयात्रा, राष्ट्रभक्ति के नारों से गूंजा बाजार

आज दिनांक 10/08/2026 को सेवापुरी विधानसभा क्षेत्र के राजातालाब...