पन्ना पासवान पर गंगा किनारे से मिट्टी काटकर बेचने का आरोप, पीड़ित परिवार ने प्रशासन से तत्काल रोक लगाने की मांग की
बाढ़, पटना। गंगा नदी के किनारे स्थित मकान के आसपास लगातार मिट्टी कटने को लेकर एक परिवार ने गंभीर चिंता जताई है। बाढ़ के बनारसी घाट, वार्ड नंबर 15 निवासी दोलन रमनी, आत्मज कपिल रमनी का कहना है कि उनके मकान के समीप गंगा किनारे से लगातार मिट्टी काटकर बेची जा रही है। परिवार ने आरोप लगाया कि पन्ना पासवान द्वारा मिट्टी काटकर ले जाने का काम किया जा रहा है और पूछने पर इसे सरकारी जमीन बताया जाता है।
पीड़ित परिवार के अनुसार उनका मकान गंगा नदी के किनारे स्थित है। ऐसे में मकान के आसपास से लगातार मिट्टी हटने के कारण जमीन कमजोर होती जा रही है। परिवार को आशंका है कि यदि इसी तरह मिट्टी की कटाई जारी रही तो गंगा किनारे स्थित उनका मकान भी इसकी चपेट में आ सकता है और कभी भी गिरने की स्थिति पैदा हो सकती है।
दोलन रमनी का कहना है कि उन्होंने मिट्टी काटकर ले जाने का काम रोकने के लिए कई बार प्रयास किया, लेकिन इसके बावजूद कथित तौर पर मिट्टी काटने और बेचने का सिलसिला जारी है। परिवार का कहना है कि नदी किनारे रहने के कारण पहले से ही कटाव का खतरा बना रहता है। ऐसे में मकान के आसपास की मिट्टी हटने से खतरा और बढ़ गया है।
परिवार ने आरोप लगाया कि संबंधित व्यक्ति की ओर से जमीन को सरकारी बताया जा रहा है। हालांकि, जमीन की वास्तविक स्थिति और वहां से मिट्टी काटने की अनुमति है या नहीं, इसकी पुष्टि संबंधित विभाग और प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकती है।
पीड़ित परिवार का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी के खिलाफ विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि अपने मकान और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। उनका कहना है कि यदि समय रहते मिट्टी कटाई पर रोक नहीं लगी तो बारिश और गंगा के जलस्तर बढ़ने के दौरान स्थिति और गंभीर हो सकती है।
परिवार ने प्रशासन से मामले की तत्काल स्थल जांच कराने, मिट्टी कटाई की अनुमति और जमीन की स्थिति की जांच करने तथा नियमों के विपरीत मिट्टी काटे जाने की स्थिति में कार्रवाई कर काम रुकवाने की मांग की है। परिवार का कहना है कि प्रशासन की समय रहते कार्रवाई से उनके मकान को संभावित नुकसान से बचाया जा सकता है।
प्रशासन से कार्रवाई की उम्मीद
पीड़ित परिवार अब प्रशासन से जांच और सुरक्षा की उम्मीद लगाए बैठा है। परिवार का कहना है कि जब तक मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक गंगा किनारे स्थित मकान के आसपास से मिट्टी काटने पर रोक लगाई जानी चाहिए, ताकि किसी अप्रिय घटना की स्थिति उत्पन्न न हो। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और संबंधित पक्ष का बयान सामने आना बाकी है।

