पाकिस्तान-अफगानिस्तान के बीच फिर छिड़ी जंग! बॉर्डर पर सेना ने मार दिए कई तालिबान लड़ाके

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पाकिस्तान-अफगानिस्तान सीमा पर तनाव फिर बढ़ गया है। बलूचिस्तान के गुलिस्तान सेक्टर में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने अफगान तालिबान लड़ाकों की घुसपैठ की कोशिश नाकाम कर कई लड़ाकों को मारने का दावा किया है।
बलूचिस्तान सीमा पर झड़प में कई तालिबान लड़ाकों को मारने का पाकिस्तान ने दावा किया।
पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के 10 ठिकानों पर हवाई और ड्रोन हमलों की जानकारी दी।
अफगान तालिबान ने पाकिस्तानी हमलों में 4 नागरिकों की मौत का दावा किया है।
इस्लामाबाद: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सीमा पर तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत के गुलिस्तान सेक्टर में गुरुवार को हुई झड़प में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने कई अफगान तालिबान लड़ाकों को मार गिराने का दावा किया है। पाकिस्तान के सरकारी मीडिया के मुताबिक, अफगान तालिबान लड़ाकों ने कथित तौर पर पाकिस्तानी सीमा में घुसने और वहां हमला करने की कोशिश की थी। इसके बाद पाकिस्तानी बलों ने जवाबी कार्रवाई की। हालांकि, इस झड़प में मारे गए लोगों की संख्या और घटना की परिस्थितियों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
पहले पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में किए हवाई हमले

यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ है जब पाकिस्तान ने गुरुवार को अफगानिस्तान में 10 ठिकानों पर हवाई और ड्रोन हमले किए थे। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अताउल्लाह तरार ने कहा कि बुधवार को अफगानिस्तान की तरफ से ड्रोन पाकिस्तान में दाखिल हुए थे। इसके बाद पाकिस्तान ने अपने आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए अफगानिस्तान में सैन्य कार्रवाई की। तरार ने कहा,

‘पाकिस्तान ने अपने संप्रभु आत्मरक्षा के अधिकार का इस्तेमाल करते हुए अफगानिस्तान में 10 ऐसे ठिकानों पर सटीक हवाई और ड्रोन हमले किए, जहां से इन ड्रोन को लॉन्च किया जा रहा था या उन्हें रखा जा रहा था।’

उन्होंने इन हमलों को ‘जानबूझकर किए गए, सटीक, संतुलित और जरूरत के मुताबिक’ बताया। उनके मुताबिक, कार्रवाई को उन सैन्य ठिकानों तक ही सीमित रखा गया, जिनका संबंध सीधे पाकिस्तान के खिलाफ कथित ड्रोन हमलों से था। तरार ने ड्रोन घुसपैठ को ‘पाकिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का खुला उल्लंघन’ बताते हुए इसे ‘गंभीर और अस्वीकार्य आक्रामक कार्रवाई’ कहा।

गुलिस्तान सेक्टर में दोनों के बीच हुई झड़प
पाकिस्तान के सरकारी समाचार एजेंसी एपीपी ने सुरक्षा सूत्रों के हवाले से बताया कि अफगान तालिबान के लड़ाकों ने बलूचिस्तान के गुलिस्तान सेक्टर में पाकिस्तानी क्षेत्र में दाखिल होने की कोशिश की। रिपोर्ट के अनुसार, उनका उद्देश्य ‘आक्रामक कार्रवाई’ करना था। इसके बाद पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें कई अफगान तालिबान लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, आधी रात के बाद भी दोनों पक्षों के बीच रुक-रुककर गोलीबारी होती रही। हालांकि, अफगान तालिबान की ओर से गुलिस्तान में हुई इस झड़प को लेकर तत्काल कोई विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया।

अफगानिस्तान ने आम लोगों की मौत का दावा किया
अफगान तालिबान सरकार के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने गुरुवार को सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि पाकिस्तान के हवाई और ड्रोन हमलों में 4 अफगान नागरिक मारे गए हैं। उन्होंने कहा कि काबुल इन हमलों का ‘कड़ा और उचित जवाब’ देगा। मुजाहिद ने चेतावनी दी कि इस तरह की कार्रवाई के ‘पाकिस्तानी सेना के लिए गंभीर परिणाम’ होंगे। अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के इस दावे को भी खारिज किया है कि उसकी तरफ से ड्रोन हमले किए गए थे। काबुल ने पाकिस्तानी हमलों की कड़ी निंदा की है।

पाकिस्तान ने 8 ड्रोन गिराने का किया था दावा
पाकिस्तान ने बुधवार को कहा था कि उसके सुरक्षा बलों ने 8 ड्रोन मार गिराए। इनमें 4 ड्रोन तोरखम सीमा के पास और चार खैबर पख्तूनख्वा प्रांत के कोहाट के पास गिराए जाने का दावा किया गया था। अफगानिस्तान ने इन ड्रोन हमलों में अपनी किसी भूमिका से इनकार किया था। इसके एक दिन बाद पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में 10 ठिकानों पर हवाई और ड्रोन हमले किए।

21 सितंबर के हमलों के बाद लगातार बढ़ रहा तनाव
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच मौजूदा तनाव की एक और बड़ी कड़ी 21 सितंबर के पाकिस्तानी हवाई हमले हैं। इस कार्रवाई के बारे में इस्लामाबाद ने कहा था कि अफगानिस्तान में प्रतिबंधित TTP के आतंकियों के कैंप और ठिकानों को निशाना बनाया गया और कई आत्मघाती हमलावरों समेत 28 आतंकवादी मार गिराए गए। हालांकि, अफगान अधिकारियों ने पाकिस्तान के इस दावे को खारिज करते हुए कहा था कि इन हमलों में कम से कम 3 नागरिक मारे गए और 4 अन्य घायल हुए थे। तालिबान सरकार ने पाकिस्तानी कार्रवाई की निंदा की थी और विरोध दर्ज कराने के लिए इस्लामाबाद के प्रभारी राजदूत को तलब किया था।

TTP को लेकर दोनों देशों में पुराना विवाद
पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर आरोप लगाता रहा है कि वह TTP और उससे जुड़े आतंकी संगठनों को अपने क्षेत्र में जगह दे रही है। इस्लामाबाद का आरोप है कि इन संगठनों के सदस्य अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान में हमलों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने के लिए करते हैं। अफगान तालिबान ने पाकिस्तान के इन आरोपों को लगातार खारिज किया है। उसका कहना है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल पड़ोसी देशों के खिलाफ हमलों के लिए नहीं होने दिया जाता। पाकिस्तान का कहना है कि उसकी मौजूदा सैन्य कार्रवाई आतंकवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ‘गजब लिल हक’ का हिस्सा है। यह अभियान फरवरी में शुरू किया गया था

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