साला, ये दुख काहे खत्म नहीं होता बे! नाना पाटेकर के 15 दमदार डायलॉग्स, जिन्हें सुनकर याद आ जाते हैं उनके आइकॉनिक किरदार

Date:

नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर आते ही बॉलीवुड से लेकर राजनीति जगत तक के दिग्गज उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और शोक व्यक्त कर रहे हैं।
दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का कार्डियक अरेस्ट के कारण निधन हो गया है। अभिनेता गोवा स्थित अपने घर में थे, जहां उन्हें सीने में तेज़ दर्द की शिकायत हुई और वह बेहोश हो गए। जिसके बाद उन्हें डोना पाउला के एक प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर्स ने 45 मिनट तक उन्हें बचाने की कोशिश की और आखिरकार अस्पताल की टीम ने उन्हें सुबह 5:20 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दुखद खबर से उनके देशभर के फैंस सदमे में हैं। बॉलीवुड से लेकर राजनीति जगत के कई दिग्गजों ने सोशल मीडिया के जरिए शोक व्यक्त किया है।
दमदार डायलॉग डिलीवरी के लिए भी मशहूर थे नाना पाटेकर
नाना पाटेकर का जाना सिनेमा के उस दौर का भी दुखद अंत है, जहां डालॉग्स सिर्फ बोले नहीं जाते थे बल्कि महसूस किए जाते थे। नाना पाटेकर ने हिंदी सिनेमा को कई आईकॉनिक डायलॉग दिए हैं। तो चलिए दिवंगत एक्टर के 10 आइकॉनिक डायलॉग्स के बारे में बताते हैं। ये वो डायलॉग हैं, जिन्हें चाहकर भी फैंस फूल नहीं सकते हैं और न ही कोई उस दमदारी से ये डायलॉग बोल सकता है, जिस दमदारी के साथ नाना पाटेकर ने बोले थे।

नाना पाटेकर के दमदार डायलॉग
नाना पाटेकर ने यूं तो कई दमदार डायलॉग हिंदी सिनेमा को दिए हैं, लेकिन यहां आपको उनके उन चुनिंदा डायलॉग्स के बारे में बताते हैं, जो अब सोशल मीडिया पर भी अक्सर ट्रेंड होते रहते हैं। रील्स की दुनिया में नाना पाटेकर के ये डायलॉग बेहद मशहूर हैं।

‘साला, ये दुख काहे खत्म नहीं होता बे!’ – क्रांतिवीर

‘नफरत की एक गोली प्यार के सौ गोलियों से ज्यादा खतरनाक होती है।-‘ क्रांतिवीर
‘मरने के बाद क्या होगा, ये कोई नहीं जानता।’ – क्रांतिवीर
‘आ गए मेरी मौत का तमाशा देखने?’ – क्रांतिवीर
‘एक मच्छर आदमी को हिजड़ा बना देता है।’ – यशवंत
‘जिस दिन डर गया, समझो मर गया।’ – यशवंत
‘मैं जो बोलता हूं वो करता हूं।’ – यशवंत
‘कैसे बताऊं मैं तुम्हें, तुम मेरे लिए कौन हो’- वजूद
‘पुलिस की नौकरी में दोस्ती नहीं होती।’ – अब तक छप्पन
‘हम पुलिस वाले हैं, कोई गुंडे नहीं।’ – अब तक छप्पन
‘हर आदमी के अंदर एक जानवर होता है।’ – अग्निसाक्षी
‘दुनिया में दो तरह के लोग होते हैं…’ – वेलकम
‘अपुन को जिंदगी में ज्यादा टेंशन लेने का नहीं।’ – वेलकम
‘भगवान का दिया हुआ सब कुछ है, दौलत है, शोहरत है, इज्जत है’- वेलकम
‘बाप का नाम मत लेना!’ – परिंदा

नाना पाटेकर की आखिरी फिल्म
नाना पाटेकर कोआखिरी बार विशाल भारद्वाज की रोमांटिक एक्शन थ्रिलर ‘ओ’रोमियो’ में देखा गया था, जिसमें शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी लीड रोल में थे और अविनाश तिवारी, दिशा पाटनी, तमन्ना भाटिया और फरीदा जलाल जैसे कलाकार भी इस फिल्म में अहम रोल में थे। ये फिल्म फरवरी 2026 में रिलीज हुई थी। इसके अलावा नाना पाटेकर, अनिल कपूर स्टारर ‘सूबेदार’ में भी स्पेशल अपीयरेंस में दिखाई दिए थे, जो मार्च 2026 में ओटीटी प्लेटफॉर्म प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हुई थी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related