72 क्विंटल राशन की कथित कालाबाजारी का मामला, डीलर निलंबित होने के बाद ग्रामीणों ने उठाई स्थायी कार्रवाई की मांग

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राशन कार्डधारकों का आरोप, समय पर राशन नहीं देने और अंगूठा लगवाने की शिकायतें पहले भी की गई थीं, कार्रवाई के बाद दुकान किसी अन्य डीलर को आवंटित करने की मांग

अमरोहा। धनौरा तहसील क्षेत्र के ग्राम विसावली मुंड में राशन वितरण व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए जिला प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में नियुक्त राशन डीलर शिवचरन सिंह पुत्र रामस्वरूप सिंह के खिलाफ लंबे समय से राशन वितरण में अनियमितता की शिकायतें सामने आती रही हैं। ग्रामीणों के अनुसार डीलर द्वारा राशन कार्डधारकों से अंगूठा लगवाने के बाद निर्धारित समय पर राशन उपलब्ध नहीं कराया जाता था।

शिकायत के अनुसार हाल ही में राशन दुकान के निरीक्षण के दौरान आपूर्ति विभाग की टीम ने कथित रूप से 72 क्विंटल राशन की कालाबाजारी पकड़ी। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि राशन को चोरी-छिपे ब्लैक किए जाने का मामला सामने आने के बाद मौके पर ही राशन की दुकान को निलंबित कर दिया गया। मामले में थाना बछरायूं में प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज होने की बात भी शिकायत में कही गई है।

ग्रामीणों का आरोप है कि राशन डीलर के खिलाफ पहले भी कई बार शिकायतें की गई थीं, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हुआ। ग्रामीणों के मुताबिक राशन कार्डधारकों को कथित रूप से यह कहकर डराया जाता था कि यदि उन्होंने शिकायत की तो उनका राशन कार्ड निरस्त करा दिया जाएगा। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है और संबंधित पक्ष का विस्तृत बयान सामने आना बाकी है।

डीलर के निलंबन के बाद भी ग्रामीणों की परेशानी खत्म नहीं हुई है। उनका कहना है कि गांव के राशन कार्डधारकों को समय पर खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए दुकान को किसी अन्य राशन डीलर से संबद्ध किया जाना जरूरी है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित डीलर के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए और उसकी दुकान का आवंटन निरस्त किया जाए।

दूसरी ओर, ग्रामीणों ने ग्राम विसावली मुंड में ही नई उचित दर की दुकान की व्यवस्था करने की मांग भी उठाई है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्तमान में राशन की दुकान अन्य स्थान पर अटैच होने के कारण उन्हें राशन लेने के लिए आने-जाने में काफी परेशानी होती है। विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और मजदूर परिवारों को दूर जाकर राशन लेना पड़ता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन के समक्ष तर्क रखा कि यदि राशन डीलर के खिलाफ अनियमितता के आरोपों की जांच के बाद दुकान निलंबित की गई है तो राशन कार्डधारकों को वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है। इसी मांग को लेकर ग्रामीणों ने 10 सितंबर 2026 को संबंधित अधिकारियों को प्रार्थना पत्र देकर गांव में ही उचित दर की दुकान आवंटित करने की मांग की है।

ग्रामीणों ने कहा कि राशन वितरण जैसी आवश्यक सेवा में पारदर्शिता और समयबद्धता बेहद जरूरी है। उनका कहना है कि राशन कार्डधारकों के लिए अंगूठा लगने के बाद वास्तविक मात्रा में खाद्यान्न मिलना और वितरण का रिकॉर्ड सही तरीके से दर्ज होना आवश्यक है। ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई तथा गांव के लिए स्थायी राशन वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

ग्रामीणों का सवाल है कि जब उचित दर की दुकान के संचालन में अनियमितता के आरोप सामने आए और निरीक्षण के दौरान बड़ी मात्रा में राशन पकड़े जाने की बात सामने आई, तो आगे की प्रक्रिया भी स्पष्ट रूप से सार्वजनिक की जानी चाहिए। उनका कहना है कि कार्रवाई केवल दुकान निलंबित करने तक सीमित न रहे, बल्कि जांच के निष्कर्ष के आधार पर नियमानुसार अंतिम निर्णय लिया जाए, ताकि राशन कार्डधारकों को भविष्य में किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

अब ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले की जांच पूरी कर दोषी पाए जाने वाले व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाए और विसावली मुंड के राशन कार्डधारकों के लिए गांव में ही नियमित राशन वितरण की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

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