*आईटीसी में कार्यरत विजय सिंह राजपूत का बैग चोरी होने का आरोप, छोटे भाई दीपक सिंह राजपूत घटना के समय मौके पर मौजूद; परिवार ने की जल्द कार्रवाई और न्याय की मांग*
भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के शाहपुरा थाना क्षेत्र में बैग चोरी होने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता विजय सिंह राजपूत के अनुसार, 28 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 1 बजे से 1:30 बजे के बीच माखनलाल चौराहे के पास स्थित एक दुकान के मुख्य गेट पर रखा बैग गायब हो गया। घटना के समय विजय सिंह राजपूत के छोटे भाई दीपक सिंह राजपूत वहां मौजूद थे। मामले में शाहपुरा थाने में 29 अक्टूबर 2026 को एफआईआर दर्ज की गई है।
दर्ज एफआईआर के अनुसार, शिकायतकर्ता विजय सिंह राजपूत, पिता श्रीराम सिंह राजपूत, निवासी शाहपुरा गांव, थाना शाहपुरा, भोपाल हैं। दस्तावेज में घटना की तारीख 28 अक्टूबर 2026 और समय दोपहर 1 बजे से 1:30 बजे के बीच दर्ज है। घटना स्थल शाहपुरा थाने से करीब दो किलोमीटर उत्तर दिशा में बताया गया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज किया है।
विजय सिंह राजपूत आईटीसी में नौकरी करते हैं। उनके बताए अनुसार, घटना के दौरान बैग दुकान के मुख्य गेट पर रखा हुआ था। इसी दौरान बैग गायब होने की बात सामने आई। उनके छोटे भाई दीपक सिंह राजपूत घटना के समय वहां मौजूद थे। अब परिवार यह जानना चाहता है कि बैग किसने और किन परिस्थितियों में गायब किया। मामले की वास्तविक स्थिति पुलिस जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट होगी।
एफआईआर में संपत्ति के विवरण वाले कॉलम में बैग से संबंधित प्रविष्टि दर्ज दिखाई देती है। हालांकि, उपलब्ध दस्तावेजों में बैग के भीतर रखे सामान की पूरी जानकारी और कुल नुकसान का स्पष्ट मूल्य सामने नहीं आता है। इसलिए बैग में रखे सामान और उसकी कीमत के संबंध में फिलहाल कोई निश्चित दावा नहीं किया जा सकता।
घटना के बाद परिवार परेशान है और चाहता है कि मामले की गंभीरता से जांच की जाए। परिवार की मांग है कि घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जाए, घटना के समय मौजूद लोगों से पूछताछ की जाए और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जिम्मेदार व्यक्ति का पता लगाया जाए। परिवार को उम्मीद है कि समय रहते उचित कार्रवाई होने से मामले की सच्चाई सामने आएगी और उन्हें न्याय मिल सकेगा।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शाहपुरा थाने में एफआईआर क्रमांक 0635, वर्ष 2026 के तहत मामला दर्ज किया गया है। एफआईआर दर्ज होने के बाद अब जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई महत्वपूर्ण होगी। फिलहाल परिवार को मामले में निष्पक्ष जांच और जल्द कार्रवाई की उम्मीद है।

