मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले से जमीन पर कथित अवैध कब्जे का मामला सामने आया है। हलिया क्षेत्र के निवासी चंदर पुत्र कालीचरण ने कुछ लोगों पर उनकी जमीन और पुश्तैनी मकान पर जबरन कब्जा करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि संबंधित जमीन पर उनका पुराना अधिकार है और वह लंबे समय से अपने मकान में रहकर गुजर-बसर कर रहे हैं। इसके बावजूद विपक्षी पक्ष के लोग जमीन पर जबरन निर्माण कराने की कोशिश कर रहे हैं। मामले को लेकर चंदर ने उपजिलाधिकारी से हस्तक्षेप कर अपनी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग की है।
पीड़ित चंदर के अनुसार, विवादित भूमि मौजा हलिया में स्थित है। उन्होंने अपने प्रार्थना पत्र में जमीन से संबंधित खतौनी और खाता संख्या का उल्लेख करते हुए दावा किया है कि उक्त संपत्ति पर उनका अधिकार है। चंदर का आरोप है कि उनकी जानकारी और सहमति के बिना कुछ लोग जमीन पर निर्माण कराकर कब्जा करना चाहते हैं। इससे उनके सामने अपने पुश्तैनी मकान और जमीन को बचाने का संकट खड़ा हो गया है।
चंदर ने अपने शिकायती प्रार्थना पत्र में मगरू पुत्र लालचंद और कृपा पुत्र बप्पू का नाम विपक्षी पक्ष के रूप में दर्ज कराया है। उनका आरोप है कि इन लोगों की ओर से विवादित जमीन पर जबरन निर्माण करने का प्रयास किया जा रहा है। पीड़ित को आशंका है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया, तो उनकी जमीन पर अवैध कब्जा हो सकता है और उन्हें भविष्य में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
पीड़ित का कहना है कि विवादित संपत्ति केवल जमीन का टुकड़ा नहीं, बल्कि उनके रहने और जीवनयापन का महत्वपूर्ण आधार है। वह लंबे समय से उक्त मकान में रह रहे हैं। ऐसे में जमीन पर जबरन निर्माण या कब्जे की कोशिश से उनके सामने आवास और संपत्ति की सुरक्षा का सवाल खड़ा हो गया है। चंदर ने प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए मौके की वास्तविक स्थिति की जांच कराने की मांग की है।
चंदर ने उपजिलाधिकारी महोदय, लालगंज के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर विवादित भूमि की जांच कराने और कथित अवैध निर्माण पर रोक लगाने की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि राजस्व विभाग के संबंधित अधिकारियों के माध्यम से जमीन के अभिलेखों और मौके की स्थिति का सत्यापन कराया जाए, ताकि वास्तविक तथ्यों का पता चल सके। साथ ही, जांच पूरी होने तक विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार का जबरन निर्माण या कब्जा न होने दिया जाए।
पीड़ित ने प्रशासन से विपक्षी पक्ष के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने और उनकी जमीन तथा मकान की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम उठाए जाते हैं, तो विवाद को बढ़ने से रोका जा सकता है और उन्हें न्याय मिल सकता है।
अब देखना होगा कि संबंधित प्रशासन इस शिकायत पर क्या कार्रवाई करता है। फिलहाल, चंदर द्वारा लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और प्रशासनिक जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।

