लखनऊ में SGPGI की भर्ती परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थियों का आरोप, बायोमेट्रिक व्यवस्था फेल होने से परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित; प्रशासनिक इंतजामों पर उठे गंभीर सवाल
*लखनऊ।* संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) की मुख्य परीक्षा (Stage-II) में शामिल होने पहुंचे अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर अव्यवस्थाओं का सामना करना पड़ रहा है। अभ्यर्थियों का आरोप है कि निर्धारित समय पर परीक्षा शुरू होने की तैयारी होनी चाहिए थी, लेकिन बायोमेट्रिक मशीन काम नहीं करने के कारण अभ्यर्थियों की प्रक्रिया अटक गई। इससे परीक्षा देने पहुंचे हजारों छात्रों के बीच अफरा-तफरी और परेशानी का माहौल बन गया।
मामला SGPGI की भर्ती विज्ञापन संख्या *1/08/11/Rect/2025-26* के तहत आयोजित Hospital Attendant Gr-II पद की मुख्य परीक्षा (Stage-II) से जुड़ा है। अभ्यर्थियों के एडमिट कार्ड के अनुसार परीक्षा 1 नवंबर 2026 को लखनऊ के गोमती नगर स्थित जुरिस कॉलेज ऑफ लॉ, छोटा भरवारा में आयोजित की गई है। परीक्षा का निर्धारित समय सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक था, जबकि रिपोर्टिंग का समय सुबह 7:30 बजे और परीक्षा केंद्र का गेट बंद होने का समय सुबह 9 बजे निर्धारित किया गया था।
अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा केंद्र पर बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था ठीक से काम नहीं कर रही थी। इसके चलते अभ्यर्थियों को समय पर प्रवेश और जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने में परेशानी हुई। सुबह से परीक्षा की तैयारी करके पहुंचे छात्र केंद्र की अव्यवस्थाओं के बीच परेशान होते नजर आए।
समय पर परीक्षा कराने की जिम्मेदारी किसकी?
अभ्यर्थियों का सवाल है कि जब परीक्षा की तारीख, रिपोर्टिंग टाइम और परीक्षा शुरू होने का समय पहले से निर्धारित था, तो बायोमेट्रिक सत्यापन जैसी जरूरी व्यवस्था को पहले से दुरुस्त क्यों नहीं रखा गया? यदि तकनीकी समस्या की आशंका थी तो वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई?
भर्ती परीक्षाओं में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए एक-एक मिनट महत्वपूर्ण होता है। कई अभ्यर्थी दूसरे जिलों और दूरदराज के क्षेत्रों से परीक्षा देने पहुंचते हैं। ऐसे में परीक्षा केंद्र की तकनीकी खामियों का खामियाजा उम्मीदवारों को भुगतना पड़े, तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
अभ्यर्थियों के भविष्य से खिलवाड़ का आरोप
छात्रों का कहना है कि उन्होंने इस परीक्षा के लिए लंबे समय तक मेहनत की है। नौकरी की उम्मीद लेकर परीक्षा केंद्र पहुंचे अभ्यर्थियों को यदि प्रबंधन की लापरवाही के कारण मानसिक तनाव और अनिश्चितता का सामना करना पड़े, तो इसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि बायोमेट्रिक सत्यापन में देरी के कारण किसी अभ्यर्थी की परीक्षा प्रभावित होती है, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा? क्या परीक्षा आयोजित कराने वाली संस्था और केंद्र प्रबंधन इसकी भरपाई करेंगे?
SGPGI प्रशासन और परीक्षा केंद्र से जवाब की मांग
इस पूरे मामले में अभ्यर्थी SGPGI प्रशासन और परीक्षा केंद्र प्रबंधन से जवाब मांग रहे हैं। उनका कहना है कि तकनीकी समस्या का तत्काल समाधान कर परीक्षा प्रक्रिया सुचारु रूप से संचालित की जानी चाहिए और किसी भी अभ्यर्थी को व्यवस्था की कमी के कारण परीक्षा से वंचित नहीं होना चाहिए।
फिलहाल बायोमेट्रिक समस्या के कारण परीक्षा प्रक्रिया प्रभावित होने की शिकायतें सामने आई हैं। हालांकि, तकनीकी खराबी के वास्तविक कारण, प्रभावित अभ्यर्थियों की संख्या और परीक्षा में हुई देरी को लेकर संबंधित अधिकारियों का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
*बड़ा सवाल: परीक्षा समय पर कराने की जिम्मेदारी अभ्यर्थियों की है या परीक्षा आयोजित कराने वाली व्यवस्था की? मेहनत छात्रों की और परेशानी भी छात्रों की, आखिर जवाबदेही किसकी?*
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