फर्रुखाबाद/मेरापुर। थाना मेरापुर क्षेत्र के ग्राम रसूलपुर चौकी अचरा में मामूली बच्चों के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें एक महिला और उसके परिवार पर लाठी-डंडों और पत्थरों से जानलेवा हमला किए जाने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित विजय बहादुर उर्फ भूरे ने थाना मेरापुर में लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि 28 जनवरी 2026 को उनके परिवार पर संगठित तरीके से हमला किया गया, लेकिन पुलिस की कार्रवाई संतोषजनक नहीं है।
पीड़ित के अनुसार, दोपहर करीब 2 बजे झन्नू, मिट्ठू लाल, शिवम और अंकित सहित कई लोग गाली-गलौज करते हुए उनके दरवाजे पर पहुंचे। आरोप है कि शिवम ने उनकी पुत्री दिव्यांशी को अपशब्द कहे, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। देखते ही देखते आरोपियों ने लाठी-डंडों और पत्थरों से हमला कर दिया, जिसमें विजय बहादुर और उनकी पत्नी निशा गंभीर रूप से घायल हो गईं। घटना के बाद पीड़ित ने 112 पर कॉल किया, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन आरोपी फरार हो गए।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि उसी दिन शाम करीब 7 बजे फिर से विवाद हुआ, जब निशा अपने दरवाजे पर झाड़ू लगा रही थीं। आरोप है कि मिट्ठू लाल, शिवम और अंकित ने गाली-गलौज करते हुए उन पर हमला कर दिया। लाठी-डंडों से हुई पिटाई में निशा को गंभीर चोटें आईं। पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी है और वे लगातार दहशत में जी रहे हैं।
पीड़ित विजय बहादुर ने थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि आरोपियों ने पैसे देकर मामला दबाने की कोशिश की है और पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही है। उन्होंने उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग की है ताकि उन्हें न्याय मिल सके और भविष्य में कोई अनहोनी न हो।
स्थानीय ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और वे पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं, पीड़ित परिवार ने साफ कहा है कि अगर समय रहते न्याय नहीं मिला तो वे उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाएंगे।
लगातार जान से मारने की धमकियां मिल रही है पीड़ित परिवार चाहते हैं कि प्रशासन उनके कार्यवाही में मदद करें और उन्हें समय रहते न्याय मिल सके गरीब परिवार से जरूर है लेकिन वह सिर्फ इंसाफ चाहती है

