सहारनपुर/सोनभद्र। सरसावा थाना क्षेत्र के गांव जन्येड़ा उर्फ कादरगढ़ से 11 वर्षीय बच्ची के रहस्यमय ढंग से लापता होने का मामला अब दो जिलों तक पहुंच गया है, लेकिन परिजनों को अब तक राहत नहीं मिल सकी है। बच्ची के पिता सोनू कुमार ने सहारनपुर के बाद सोनभद्र जिले के रावटगंज थाने में भी शिकायत दी है, फिर भी कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाया है। करीब दो महीने से बच्ची का कोई सुराग नहीं लग पाने से परिवार गहरे सदमे में है।
परिजनों के अनुसार, 15 दिसंबर 2025 को शशि प्रभा की माता उर्मिला देवी पत्नी छवेंद्र प्रसाद निवासी जिला सोनभद्र, उनके भाई चंद्र प्रकाश और अन्य रिश्तेदार अचानक गांव पहुंचे। उस समय घर में 11 वर्षीय किरण अकेली थी। आरोप है कि सभी लोग बच्ची को बिना सूचना दिए अपने साथ ले गए। पड़ोसियों से जानकारी मिलने पर माता-पिता को घटना का पता चला।
सोनू कुमार का कहना है कि जब वे अपनी पत्नी शशि प्रभा के साथ बेटी को वापस लाने सोनभद्र पहुंचे तो उनके साथ कथित रूप से अभद्र व्यवहार किया गया। आरोप है कि उन्हें धक्का देकर घर से बाहर निकाल दिया गया और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी गई। परिवार का दावा है कि बच्ची से फोन पर बात तक नहीं कराई जा रही है और यह भी नहीं बताया जा रहा कि उसे कहां रखा गया है।
पीड़ित परिवार ने पहले सहारनपुर के थाना सरसावा में लिखित शिकायत दी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद सोनू कुमार ने सोनभद्र जिले के कस्बा राबृटगंज थाने में भी तहरीर दी। उनका आरोप है कि वहां भी सुनवाई नहीं हो रही और मामले को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है।
परिवार का कहना है कि उनकी शादी को आठ वर्ष हो चुके हैं और पहले कभी इस प्रकार का विवाद सामने नहीं आया। अचानक बच्ची को इस तरह ले जाना कई सवाल खड़े करता है। परिजन आशंका जता रहे हैं कि बच्ची को कहीं और भेज दिया गया है, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है।
सोनू कुमार और शशि प्रभा ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहारनपुर व सोनभद्र प्रशासन से हस्तक्षेप कर नाबालिग बेटी की सकुशल बरामदगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
फिलहाल दोनों जिलों की पुलिस की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इधर, दो जिलों के बीच फंसा यह परिवार अपनी मासूम बेटी की एक झलक पाने के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहा है।

