कांग्रेस ने मंगलवार को लोकसभा स्पीकर ओम बिरला के खिलाफ नो-कॉन्फिडेंस मोशन नोटिस दिया था। सूत्रों के मुताबिक स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर अब चर्चा बजट सेशन के दूसरे चरण के पहले दिन यानी 9 मार्च को हो सकती है। जानें ओम बिरला ने क्या कहा?
Budget Session 2026: लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के लिए विपक्ष की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर 118 विपक्षी सांसदों ने हस्ताक्षर किए। लोकसभा सचिवालय के सूत्रों के मुताबिक, इस अविश्वास प्रस्ताव पर वर्तमान बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन यानी नौ मार्च को सदन में चर्चा हो सकती है। सूत्रों ने कहा, ‘संभावना है कि बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन, यानी नौ मार्च को ही लोकसभा अध्यक्ष को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा हो सकती है।’ सूत्रों का यह भी कहना है कि मामले का निपटारा होने तक लोकसभा अध्यभ ओम बिरला अपने आसन पर नहीं बैठेंगे। बिरला ने लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह को निर्देश दिया है कि वह विपक्ष के नोटिस की जांच कर उचित कार्रवाई करें।
ओम बिरला ने कहा, कुर्सी पर तब तक नहीं बैठूंगा…
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को कहा कि जब तक विपक्षी सांसदों द्वारा उनकी कुर्सी के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर कोई निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वह लोकसभा की कार्यवाही में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने यह भी फैसला किया है कि विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर सुनवाई और समाधान होने तक वे लोकसभा अध्यक्ष की कुर्सी पर नहीं बैठेंगे। हालांकि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो अविश्वास प्रस्ताव पारित होने तक अध्यक्ष को हटाने की बात कहता हो, लेकिन बिरला ने अविश्वास प्रस्ताव पर सुनवाई और उसके निपटारे तक अध्यक्ष की कुर्सी पर न बैठने का विकल्प चुना है।
विपक्ष ने क्या लगाया है आरोप
संसद में अविश्वास प्रस्ताव के नोटिस में विपक्षी सांसदों ने आरोप लगाया है कि लोकसभा अध्यक्ष ने बार-बार उन्हें सदन में जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे उठाने का अवसर नहीं दिया। विपक्ष का कहना है कि इसी कारण उन्हें अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने का कदम उठाना पड़ा। इस अविश्वास प्रस्ताव को लेकर अब सभी की नजरें नौ मार्च पर टिकी हैं, जब बजट सत्र के दूसरे चरण के पहले दिन इस प्रस्ताव पर आगे की प्रक्रिया तय हो सकती है और ये तय होगा कि ओम बिरला लोकसभा अध्यक्ष बने रहेंगे या नहीं।

