जौनपुर। उत्तर प्रदेश के Jaunpur जिले के मड़ियाहूं थाना क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने पुलिस कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्राम संतोषपुर (रजमलपुर) निवासी चन्दन गुप्ता ने आरोप लगाया है कि गांव के दबंगों ने पुरानी जमीनी रंजिश को लेकर उसके पूरे परिवार पर जानलेवा हमला कर दिया, लेकिन जब वह न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंचा तो उल्टा उसी और उसके छोटे भाई पर फर्जी मुकदमा दर्ज कर दिया गया।
पीड़ित चन्दन गुप्ता पुत्र संदीप उर्फ सुबेदार गुप्ता के मुताबिक घटना 15 मई 2026 की रात करीब 10:30 बजे की है। वह अपने छोटे भाई शिवम के साथ मजदूरी करके घर लौट रहा था। रास्ते में गांव में एक बारात में हुए विवाद की चर्चा सुनने के बाद दोनों घर पहुंचे ही थे कि तभी पुरानी रंजिश रखने वाले कई लोग गाली-गलौज करते हुए हमला करने पहुंच गए।
आरोप है कि राकेश, बल्ला, प्रवेश, मोहन, पिन्टू, सिपाही और अन्य लोगों ने लाठी-डंडे व लोहे की रॉड लेकर घर में घुसकर चन्दन और उसके भाई को बेरहमी से पीटा। परिवार को बचाने पहुंचीं मां शीला देवी और पत्नी रीना देवी को भी नहीं छोड़ा गया। पीड़ित का कहना है कि महिलाओं के कपड़े फाड़े गए, गहने लूटे गए और अश्लील हरकतें की गईं। शोर सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंचे तब जाकर किसी तरह जान बच सकी।
पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना के तुरंत बाद जब वे Madiyahun Police Station पहुंचे तो पुलिस ने उनकी पूरी शिकायत तक नहीं लिखी। इतना ही नहीं, घायल मां, पत्नी और भाई का मेडिकल परीक्षण भी नहीं कराया गया। आरोप है कि पुलिस ने विपक्षी पक्ष से मिलकर चन्दन और उसके भाई के खिलाफ ही फर्जी एफआईआर दर्ज कर दी और समझौता करने का दबाव बनाया।
चन्दन गुप्ता का कहना है कि पुलिसकर्मियों ने धमकी दी कि यदि समझौता नहीं किया तो उन्हें बड़े मुकदमे में फंसा दिया जाएगा और जमानत तक नहीं होगी। लगातार चक्कर लगाने के बावजूद जब कहीं सुनवाई नहीं हुई तो पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक जौनपुर को प्रार्थना पत्र देकर निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग की है।
पीड़ित परिवार अब दर-दर भटकने को मजबूर है और प्रशासन से मांग कर रहा है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि समय रहते न्याय मिल सके।

