अलीगढ़। थाना कोल क्षेत्र के इस्लाम नगर मुल्लापारा भुजपुरा निवासी एहसान आज अपनी 5 महीने की मासूम बेटी आयशा को गोद में लेकर न्याय की गुहार लगा रहे हैं। दो साल पहले प्रेम विवाह से शुरू हुई उनकी दांपत्य यात्रा अब आरोप-प्रत्यारोप, पारिवारिक दबाव, पुलिस केस और खुली धमकियों के बीच टूटने की कगार पर पहुंच गई है। पीड़ित पति का आरोप है कि ससुराल पक्ष ने पैसों के लालच और पारिवारिक राजनीति के कारण उन्हें और उनके परिवार को लगातार प्रताड़ित किया है।
एहसान के अनुसार, उनकी पत्नी अलीमा से प्रेम विवाह हुआ था। शादी से पहले दोनों परिवारों के बीच बातचीत हुई थी। उन्होंने खुले तौर पर यह बताया था कि वे पहले जुआ खेलते थे और सिगरेट पीते थे। यह बात पत्नी और उसके परिवार को पहले से पता थी और इसी समझ के साथ विवाह हुआ था। बावजूद इसके, शादी के कुछ ही दिनों बाद माहौल बदल गया।
पीड़ित का कहना है कि शादी से पहले ही ससुर सलमान ने कथित रूप से एक लाख रुपये की मांग की थी। इसके बाद भी विवाह संपन्न हुआ, लेकिन रिश्ते सामान्य नहीं रह सके। 6 फरवरी को सास समीना, ससुर सलमान और साला नमन उनके घर पहुंचे और गली में ही सार्वजनिक रूप से गाली-गलौज की। आरोप है कि ससुर ने खुलेआम धमकी दी कि “तुझे गोली से मरवा दूंगा।” इस घटना से पूरा परिवार दहशत में है।
अब नया मोड़ यह है कि पिछले करीब पांच महीनों से अलीमा अपने मायके में ही रह रही हैं और पति एहसान से मिलने तक नहीं दिया जा रहा है। पीड़ित का दावा है कि ससुराल पक्ष लगातार पत्नी पर दबाव बना रहा है कि वह एहसान को छोड़ दे, ताकि “परिवार की बदनामी” न हो। एहसान का आरोप है कि यह सब पहले से तय पारिवारिक राजनीति का हिस्सा है।
सूत्रों के अनुसार, शादी से पहले लड़की के पिता चाहते थे कि अलीमा की शादी बेटी के बेटे अनीश से हो, लेकिन सास समीना ने अपनी इच्छा से अलीमा की शादी एहसान से करवाई थी। अब वही परिवार शादी को लेकर विवाद खड़ा कर रहा है।
एहसान का दावा है कि ससुराल वालों ने उल्टा उनके खिलाफ थाने में एफआईआर दर्ज करा दी है, जबकि पीड़ित पक्ष की कोई सुनवाई नहीं हो रही। कई बार थाने जाने के बावजूद उन्हें राहत नहीं मिली और वे मानसिक प्रताड़ना झेल रहे हैं। उनका कहना है कि यह सब पैसों और बदनामी के डर की राजनीति है।
सबसे बड़ा सवाल 5 महीने की मासूम आयशा का है, जो फिलहाल मां के साथ मायके में है। पिता को बेटी से मिलने भी नहीं दिया जा रहा। एहसान का कहना है कि उनकी बेटी का भविष्य अधरे में लटक गया है।
अब एहसान ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि
“अगर मुझे या मेरे परिवार को कुछ होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी ससुर सलमान और साला नामन की होगी।”
पीड़ित ने जिला प्रशासन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से निष्पक्ष जांच, परिवार को सुरक्षा और झूठे मामलों से राहत की मांग की है, ताकि सच सामने आ सके और मासूम बच्ची का भविष्य सुरक्षित रहे।

