मीरा देवी का संघर्ष बना मिसाल, दिव्यांग पति और तीन बच्चों की जिम्मेदारी के बीच सोशल मीडिया पर गढ़ रहीं नई पहचान

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जोधपुर। राजस्थान के जोधपुर शहर की रहने वाली 45 वर्षीय मीरा देवी आज संघर्ष, हिम्मत और आत्मविश्वास की ऐसी मिसाल बनकर सामने आई हैं, जो यह साबित करती है कि कठिन परिस्थितियां इंसान के इरादों को कमजोर नहीं कर सकतीं। आर्थिक तंगी, दिव्यांग पति की देखभाल और तीन बच्चों की जिम्मेदारियों के बीच मीरा देवी पिछले एक वर्ष से लगातार सोशल मीडिया पर वीडियो बनाकर अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश कर रही हैं।

मीरा देवी इंद्रानगर क्षेत्र की निवासी हैं और एक साधारण परिवार से संबंध रखती हैं। उनके जीवन में मुश्किलों का दौर उस समय शुरू हुआ जब उनके पति एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गए। हादसे के बाद उनके पति दिव्यांग हो गए और परिवार की आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा। घर की आय का साधन लगभग समाप्त हो गया और पूरे परिवार की जिम्मेदारी मीरा देवी के कंधों पर आ गई।

परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन रही हों, लेकिन मीरा देवी ने हार मानने के बजाय संघर्ष का रास्ता चुना। उन्होंने अपने पति की सेवा और देखभाल के साथ-साथ तीन बच्चों की परवरिश की जिम्मेदारी संभाली। घर के कामकाज और परिवार की आवश्यकताओं के बीच समय निकालकर उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी पहचान बनाने का प्रयास शुरू किया।

करीब एक वर्ष से वह लगातार वीडियो तैयार कर रही हैं। सीमित संसाधनों और आर्थिक अभाव के बावजूद उन्होंने अपने प्रयासों को कभी नहीं रोका। उनका कहना है कि वह अपने परिवार के लिए बेहतर भविष्य चाहती हैं और सोशल मीडिया के जरिए आत्मनिर्भर बनना उनका सपना है।

मीरा देवी का मानना है कि मेहनत, धैर्य और ईमानदारी से किया गया प्रयास कभी व्यर्थ नहीं जाता। वह कहती हैं कि अगर इंसान अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहे तो एक दिन सफलता अवश्य मिलती है। यही सोच उन्हें हर दिन नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।

स्थानीय लोगों के अनुसार मीरा देवी का संघर्ष समाज की उन महिलाओं के लिए प्रेरणा है, जो विपरीत परिस्थितियों से जूझते हुए भी अपने सपनों को जीवित रखती हैं। लोगों का कहना है कि परिवार की जिम्मेदारियों और आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद जिस प्रकार मीरा देवी लगातार अपने लक्ष्य की ओर बढ़ रही हैं, वह प्रशंसनीय है।

आज जब कई लोग छोटी-छोटी परेशानियों के सामने हिम्मत हार जाते हैं, ऐसे समय में मीरा देवी की कहानी यह संदेश देती है कि मजबूत इरादे और निरंतर प्रयास किसी भी मुश्किल को मात दे सकते हैं। गरीबी और संघर्ष के बीच शुरू हुआ उनका सफर अब धीरे-धीरे लोगों के बीच चर्चा का विषय बनता जा रहा है और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले समय में उनकी मेहनत उन्हें नई पहचान दिलाएगी।

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