इ खबर रिपोर्टर – मोइनुद्दीन कुरैशी
चित्तौड़गढ़। शहर को स्वच्छ और प्रदूषणमुक्त बनाए रखने के उद्देश्य से नगर परिषद ने स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। आयुक्त के निर्देशन में चलाए गए विशेष अभियान के तहत खुले में कचरा फेंकने और कचरा जलाने के मामलों में कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्ति/दुकानदार पर ₹2000 का चालान किया गया।
नगर परिषद की इस कार्रवाई से शहर में हड़कंप मच गया। अभियान के दौरान मुख्य स्वास्थ्य निरीक्षक सूरज घावरी, स्वास्थ्य निरीक्षक सत्यनारायण, अतिक्रमण जमादार फूलचंद मीणा सहित अतिक्रमण दस्ता मौके पर मौजूद रहा। टीम ने मौके पर नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर तुरंत चालानी कार्रवाई की और कचरा हटवाया।
नगर परिषद अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खुले में कचरा फेंकना और उसे जलाना न केवल स्वच्छता नियमों के खिलाफ है, बल्कि इससे पर्यावरण प्रदूषण बढ़ता है और आमजन के स्वास्थ्य पर भी गंभीर दुष्प्रभाव पड़ता है। कचरा जलाने से निकलने वाला धुआं श्वसन रोगों का कारण बन सकता है, जिससे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार व्यक्तियों को विशेष नुकसान पहुंचता है।
अधिकारियों ने कहा कि चित्तौड़गढ़ शहर को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाए रखने के लिए इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ जुर्माने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
नगर परिषद ने शहरवासियों से अपील की है कि वे कचरा केवल निर्धारित स्थानों और कचरा संग्रहण वाहनों में ही डालें तथा किसी भी परिस्थिति में कचरा जलाने से बचें। प्रशासन ने साफ संदेश दिया है कि स्वच्छता को लेकर लापरवाही अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है।

