मुरादाबाद।
मुरादाबाद जिले के सदर तहसील क्षेत्र से प्रशासनिक लापरवाही और दबंगई का गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम मिलक खैरखाता की रहने वाली महिला किसानदेई ने आरोप लगाया है कि वैध बैनामा और पूर्व में हुई प्रशासनिक जांच के बावजूद दबंग लोग उनके मकान निर्माण में बाधा डाल रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पीड़िता का कहना है कि वह पिछले कई महीनों से अधिकारियों के चक्कर काट रही हैं, लेकिन कहीं भी उनकी सुनवाई नहीं हो रही।
18 साल पहले खरीदी थी जमीन
पीड़िता श्रीमती किसानदेई पत्नी स्वर्गीय रामऔतार के अनुसार उन्होंने लगभग 18 वर्ष पहले ग्राम सरवड़ा, तहसील व जिला मुरादाबाद स्थित आराजी संख्या 707, रकबा 0.1780 हेक्टेयर में से 2 बीघा 2 बिस्वा भूमि मौजा नूर उर्फ भूरा से विधिवत बैनामा द्वारा खरीदी थी। यह भूमि उनके खेत से सटी हुई है।
पड़ोसियों पर झूठा बालियान बताने का आरोप
किसानदेई का आरोप है कि पास की आराजी संख्या 703 बालियान बताकर हजारी, नौबत, जागन और ओमप्रकाश पुत्र लालमन, जो ग्राम सरवड़ा के निवासी हैं, वर्षों से उस पर कब्जा जमाए हुए हैं और जोत-बो रहे हैं। जब उन्होंने अपनी जमीन पर मकान निर्माण शुरू किया तो उक्त लोगों ने उनकी भूमि को बालियान बताकर निर्माण कार्य रुकवा दिया।
कई बार हुई पैमाइश, आरोप गलत साबित
पीड़िता का दावा है कि उनके खेत की कई बार पैमाइश हो चुकी है, लेकिन कभी भी उनकी भूमि में बालियान नहीं पाया गया। करीब पांच वर्ष पूर्व स्वयं तत्कालीन एसडीएम ने मौके पर जांच की थी, जिसमें उनकी भूमि पूरी तरह साफ पाई गई थी। जांच के बाद दबंगों की भूमि को बालियान घोषित कर सीमेन्ट के पिलर गाड़कर तारबंदी कराई गई थी।
आंगनबाड़ी केंद्र और बोर्ड आज भी मौजूद
किसानदेई के अनुसार जिस भूमि को बालियान घोषित किया गया था, उसी पर आंगनबाड़ी केंद्र का निर्माण भी किया गया है और सरकारी साइन बोर्ड आज भी मौके पर लगा हुआ है। इसके बावजूद दबंग लोग उसी पुराने विवाद को उठाकर उनके वैध निर्माण कार्य को रुकवा रहे हैं।
झूठी शिकायत और धमकी का आरोप
पीड़िता का कहना है कि निर्माण कार्य रुकवाने के लिए उनके खिलाफ प्रधान और अन्य लोगों द्वारा झूठी शिकायतें कराई गईं। अब स्थिति यह है कि दबंग खुलेआम उन्हें मारने की धमकी दे रहे हैं, जिससे वह और उनका परिवार भय के साए में जीने को मजबूर हैं।
प्रशासन से इंसाफ की गुहार
किसानदेई ने उप जिलाधिकारी सदर सहित कई अधिकारियों को प्रार्थना पत्र दिए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। पीड़िता का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।
पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि उनके निर्माण कार्य में बाधा डालने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें दोबारा मकान निर्माण की अनुमति दी जाए, ताकि वह सुरक्षित जीवन जी सकें।
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