धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा देते हुए छात्रों और विपक्षी पार्टियों को लेकर क्या कहा?

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धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि वह देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में नहीं फंसने देंगे, यही उनका संकल्प है। वहीं, उन्होंने पीएम मोदी और अपने सहयोगियों का आभार जताया और कहा कि वह देश के युवाओं के लिए काम करना जारी रखेंगे।
देशभर में युवाओं के प्रदर्शन के चलते धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने एक्स पर लिखा कि बच्चे अपना समय पढ़ाई में लगाएं, करियर बनाने पर फोकस करें, इसी बात पर विचार करते हुए उन्होंने अपना त्यागपत्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेज दिया है। उन्होंने बताया कि वह पिछले 4 दशक से भी ज्यादा समय से छात्र, शिक्षक और शिक्षा सुधार के लिए समर्पित रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान ने अपनी एक्स प्रोफाइल से शिक्षा मंत्री शब्द भी हटा दिया है।

इस्तीफा देते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने देश के छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं, विपक्षी पार्टियों को लेकर कहा कि कई छात्रों को गुमराह करने के लिए जिम्मेदार पदों पर बैठे व्यक्तियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे मन अत्यंत व्यथित हुआ।

युवा शक्ति ही देश की असली ताकत
शिक्षा मंत्री ने भारत की युवाशक्ति को देश की असली ताकत बताते हुए लिखा कि वह युवाओं की आकांक्षाओं, सपनों और अपेक्षाओं का गहरा सम्मान करते आए हैं। वे केवल भारत का भविष्य ही नहीं हैं, बल्कि एक नए और विकसित भारत के वाहक, निर्माता और भविष्य के शिल्पकार भी हैं। इसके साथ ही उन्होंने संकल्प लिया कि देश की युवाशक्ति को भ्रम के कुचक्र में नहीं फंसने देंगे।

पीएम मोदी और सभी साथियों का आभार जताया
धर्मेंद्र प्रधान ने पीएम मोदी और अपने सभी सहयोगियों का भी आभार जताया। उन्होंने लिखा, “प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन, विश्वास और निरंतर सहयोग के लिए हार्दिक कृतज्ञता व्यक्त करता हूं। साथ ही, मंत्रिपरिषद के अपने सभी सम्मानित सहयोगियों, मंत्रालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों तथा उन सभी व्यक्तियों का भी आभार व्यक्त करता हूं, जिनके साथ मुझे कार्य करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। राष्ट्रसेवा मेरे जीवन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैं इसके लिए सदैव समर्पित रहूंगा।
36 दिन से जारी था सीजेपी का प्रदर्शन
कॉकरोच जनता पार्टी ने 36 दिन पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन शुरू किया था। शुरुआत में प्रदर्शन सामान्य था, लेकिन 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज हुआ। इसके बाद हालात बिगड़ गए। जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों की भीड़ बढ़ गई और देश के अन्य शहरों में भी प्रदर्शन होने लगे। इसके बाद 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री ने अपना इस्तीफा पीएम मोदी को भेज दिया है। हालांकि, अब तक इस्तीफा स्वीकार किए जाने की पुष्टि नहीं हुई है। सीजेपी के प्रतिनिधियों और केंद्रीय मंत्री (जेपी नड्डा, जितेंद्र सिंह) के बीच बैठक हो रही है। इस बैठक के बाद सीजेपी का प्रदर्शन खत्म होने की उम्मीद लगाई जा रही है।

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