एटा में आवास योजना में 35 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप, गरीब मजदूर ने डीएम और एसडीएम से लगाई न्याय की गुहार

Date:

एटा।

उत्तर प्रदेश के एटा जिले से मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण को लेकर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। जिले के जलेसर तहसील क्षेत्र के ग्राम बरा भोड़ेला निवासी एक गरीब मजदूर ने ग्राम प्रधान, प्रधान पति और ग्राम पंचायत सचिव पर आवास स्वीकृत कराने के नाम पर 35 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। पीड़ित का कहना है कि पैसे न देने पर उसका आवास जानबूझकर स्वीकृत नहीं होने दिया जा रहा है। मामले की शिकायत जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी से करते हुए निष्पक्ष जांच एवं दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

शिकायतकर्ता संजय पुत्र अमर सिंह ने अपने प्रार्थना पत्र में बताया कि वह मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता है। उसके पास आय का कोई स्थायी स्रोत नहीं है और उसका कच्चा मकान पूरी तरह जर्जर होकर टूट चुका है। मजबूरी में वह अपने परिवार के साथ अपने ताऊ के मकान में रहने को विवश है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उसने मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत आवेदन किया था, लेकिन लंबे समय तक न तो उसका सर्वे कराया गया और न ही कोई कार्रवाई हुई।

पीड़ित का आरोप है कि जब उसने आवास स्वीकृति के लिए अधिकारियों से संपर्क किया और 1076/1078 हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई तो जांच ग्राम पंचायत सचिव के पास पहुंची। इसके बाद ग्राम पंचायत सचिव और ग्राम प्रधान की ओर से कथित रूप से उससे 35 हजार रुपये की मांग की गई। संजय का कहना है कि उससे साफ कहा गया कि यदि रुपये नहीं दिए तो उसका आवास कभी स्वीकृत नहीं होने दिया जाएगा। इतना ही नहीं, शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं होगी क्योंकि उनकी ऊंची पहुंच है।

प्रार्थना पत्र में यह भी आरोप लगाया गया है कि ग्राम प्रधान पति और सचिव ने धमकी भरे लहजे में कहा कि जहां शिकायत करनी हो कर दो, उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। पीड़ित का कहना है कि आर्थिक तंगी के चलते वह इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थ है, जिसके कारण आज तक उसे आवास योजना का लाभ नहीं मिल सका।

शिकायत में गांव की अन्य समस्याओं का भी उल्लेख किया गया है। ग्रामीणों के अनुसार गांव में कई सरकारी हैंडपंप लंबे समय से खराब पड़े हैं। ग्रामीणों ने 26 मई 2026 को विकास खंड अधिकारी अवागढ़ को लिखित शिकायत देकर पांच खराब हैंडपंपों को ठीक कराने की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। आरोप है कि शिकायत की जानकारी मिलने पर ग्राम प्रधान और सचिव ने ग्रामीणों से कहा कि जहां चाहो शिकायत कर दो, उनका कोई कुछ नहीं कर सकता। इसके चलते गांव में पेयजल संकट गहराता जा रहा है और लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

पीड़ित ने अपने आवेदन में यह भी कहा है कि ग्राम प्रधान पति और सचिव के दबंग रवैये के कारण गांव के लोग खुलकर विरोध करने से डरते हैं। ग्रामीणों में भय का माहौल है और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में कथित अनियमितताओं के कारण पात्र लोगों को लाभ नहीं मिल पा रहा है।

संजय ने जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी से मांग की है कि उसकी पात्रता की निष्पक्ष जांच किसी अन्य ग्राम पंचायत सचिव से कराई जाए, उसे मुख्यमंत्री एवं प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण का लाभ दिलाया जाए तथा ग्राम प्रधान, प्रधान पति और ग्राम पंचायत सचिव के कार्यों की जांच कर दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related

शराब ठेके के पास युवक का शव मिलने से फैली सनसनी, हत्या की आशंका; पुलिस ने शुरू की जांच

कासगंज। उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के अमांपुर थाना...

ODI World Cup 2027 में आठ टीमों की एंट्री, दो बार की चैंपियन टीम पर बाहर होने का खतरा

वनडे विश्व कप अगले साल खेला जाएगा, लेकिन को...