राजस्थान के सीकर जिले की पंचायत समिति पलसाना के अंतर्गत ग्राम रैवासा में श्मशान घाट तक जाने वाले मार्ग की बदहाल स्थिति को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान भूमि तक पहुंचने वाला रास्ता कांटेदार बबूल, झाड़ियों और अवरोधों से पूरी तरह प्रभावित है। बरसात के दिनों में अंतिम संस्कार के लिए शव ले जाना भी अत्यंत कठिन हो जाता है, जिससे लोगों को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों के अनुसार, उन्होंने इस समस्या को लेकर कई बार ग्राम पंचायत और सरपंच से शिकायत की, लेकिन अब तक न तो रास्ते की सफाई कराई गई और न ही श्मशान घाट तक पक्का मार्ग बनाने की दिशा में कोई प्रभावी कार्रवाई की गई। उनका आरोप है कि पंचायत स्तर पर इस महत्वपूर्ण जनसुविधा की लगातार अनदेखी की जा रही है।
इस बीच ग्राम पंचायत रैवासा द्वारा 23 जून 2026 को जारी एक प्रमाण-पत्र भी सामने आया है, जिसमें यह प्रमाणित किया गया है कि श्मशान भूमि में वृक्षारोपण का कार्य कराया जाना प्रस्तावित है तथा इसके लिए वन विभाग से पौधे उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि वृक्षारोपण स्वागतयोग्य पहल है, लेकिन श्मशान घाट तक पहुंचने के लिए पक्का और सुरक्षित मार्ग बनाना पहली आवश्यकता है। उनका कहना है कि जब अंतिम यात्रा के लिए ही सुगम रास्ता उपलब्ध नहीं है, तब केवल वृक्षारोपण से मूल समस्या का समाधान नहीं होगा।
ग्रामीणों ने मांग की है कि श्मशान घाट तक सीमेंट-कंक्रीट (सीसी) सड़क का निर्माण कराया जाए, रास्ते से झाड़ियां एवं कांटेदार पेड़ हटाकर नियमित सफाई कराई जाए तथा आमजन की सुविधा के लिए स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट तक सम्मानजनक और सुरक्षित पहुंच प्रत्येक नागरिक का बुनियादी अधिकार है। यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे ग्राम पंचायत, विकासखंड (बीडीओ) और जिला प्रशासन के उच्च अधिकारियों के समक्ष मामला उठाने के साथ-साथ जनआंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए भी बाध्य होंगे।यदि चाहें, मैं इसे समाचार पत्र की रिपोर्टिंग शैली या वेब न्यूज़ पोर्टल (SEO) शैली में भी तैयार कर सकता हूँ।

