घोघरा से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज उठाने वाले एक पत्रकार के साथ कथित तौर पर हाथापाई और अभद्र व्यवहार किया गया। नैतिक भारत न्यूज़ के पत्रकार रमेश चंद्र जायसवाल ने आरोप लगाया है कि विद्युत विभाग के कर्मचारियों के भ्रष्टाचार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने के बाद उन्हें निशाना बनाया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, कुछ दिन पहले पत्रकार रमेश चंद्र जायसवाल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया था, जिसमें विद्युत विभाग के कर्मचारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए थे। इस वीडियो के वायरल होने के बाद मामला और अधिक तूल पकड़ता नजर आ रहा है।
पत्रकार का आरोप है कि जब वे आज शासकीय उचित मूल्य दुकान घोघरा में खाद्यान्न लेने पहुंचे, उसी दौरान विद्युत विभाग की कर्मचारी राम बाई जायसवाल ने उनके साथ जबरन विवाद शुरू कर दिया। आरोप है कि बात इतनी बढ़ गई कि राम बाई ने उनके साथ हाथापाई की और उन पर कई तरह के लांछन लगाने शुरू कर दिए। पत्रकार का कहना है कि यह पूरा घटनाक्रम वीडियो में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।
रमेश चंद्र जायसवाल ने कहा कि एक पत्रकार का कर्तव्य है कि वह समाज में हो रहे भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाए, लेकिन जब ऐसे मामलों को सोशल मीडिया के माध्यम से जनता के सामने लाया जाता है, तो संबंधित विभाग के कुछ कर्मचारी पत्रकारों के खिलाफ षड्यंत्र रचकर उन्हें फंसाने की कोशिश करते हैं।
मामले में सबसे गंभीर आरोप बिजली बिल भुगतान को लेकर लगाया गया है। पत्रकार के अनुसार, कुछ महीने पहले उन्होंने राम बाई जायसवाल को अपने बकाया विद्युत बिल के भुगतान के लिए 20 हजार रुपये दिए थे। आरोप है कि कर्मचारी द्वारा केवल 3700 रुपये ही जमा किए गए, जबकि शेष राशि का उपयोग निजी खर्च में कर लिया गया। इसके बाद अगले महीने जब नया बिजली बिल आया तो उसमें बकाया जुड़कर कुल राशि 28 हजार रुपये हो गई।
पत्रकार ने बताया कि जब उन्होंने इस संबंध में जानकारी मांगनी चाही, तो उन्हें सही जवाब नहीं दिया गया। उल्टा उनके घर की संपत्ति और वाहन उठाने जैसी धमकी दी गई। इसी विषय को लेकर उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो प्रसारित किया था, जिसके बाद अब यह मामला गंभीर विवाद का रूप ले चुका है।
पत्रकार रमेश चंद्र जायसवाल ने माननीय कलेक्टर महोदय से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाए तथा संबंधित कर्मचारी को तत्काल प्रभाव से पद से हटाया जाए।
घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल गर्म है और लोग पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

