बसों में लगती आग और यात्रियों की मौत… NHRC का गुस्सा फूटा, सभी राज्यों को दिया कड़ा निर्देश!

Date:

देशभर में लगातार हो रहे बस आग लगने की घटनाओं और यात्रियों की दर्दनाक मौतों ने आखिरकार नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) को कड़ा कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। NHRC ने सभी राज्यों को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली सभी स्लीपर कोच बसों को तुरंत सड़क से हटाया जाए।

हाल के दिनों में कई ऐसी घटनाएं सामने आईं, जिनमें स्लीपर कोच बसों में सफर कर रहे लोगों की जान आग लगने के कारण चली गई। रात के सफर में आग की चपेट में आने वाली इन बसों ने न केवल परिवारों को झकझोर दिया, बल्कि एक बार फिर से यह सवाल खड़ा किया कि क्या हमारी यात्राएं सुरक्षित हैं? इसी गंभीर मुद्दे पर अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने सख्त रुख अपनाया है और सभी राज्यों को अवैध या नॉन-स्टैण्डर्ड स्लीपर बसों पर तुरंत कार्रवाई करने का आदेश दिया है।

NHRC ने जताई गंभीर चिंता
NHRC को मिली शिकायत में आरोप लगाया गया कि कई बसों का डिजाइन ही जानलेवा है। खास तौर पर उन बसों में जहाँ ड्राइवर केबिन और पैसेंजर कम्पार्टमेंट के बीच पूरी तरह से दीवार बनी होती है। इससे आग लगने जैसी इमरजेंसी में ड्राइवर को समय रहते पता ही नहीं चल पाता और यात्री बाहर निकल नहीं पाते। आयोग ने इसे सीधे तौर पर संविधान के अनुच्छेद 21 जीवन के अधिकार का उल्लंघन बताया। शिकायत में कहा गया कि ये घटनाएं बस बॉडी बिल्डर्स, अप्रूवल देने वाली एजेंसियों और सिस्टम की भारी लापरवाही का परिणाम हैं। इसी आधार पर NHRC ने तत्काल हस्तक्षेप की मांग स्वीकार करते हुए राज्यों और केंद्र को नोटिस जारी किया।

CIRT की जांच में सामने आए बड़े खुलासे
NHRC के निर्देश पर सेंट्रल इंस्टिट्यूट ऑफ रोड ट्रांसपोर्ट (CIRT) ने बसों की तकनीकी जांच की। रिपोर्ट में पाया गया कि कई स्लीपर कोच बसों का बॉडी स्ट्रक्चर ही सेफ्टी स्टैण्डर्ड का उल्लंघन करता है। जांच में यह भी सामने आया कि AIS:119 के अनुसार ड्राइवर पार्टिशन डोर बिलकुल प्रतिबंधित है। 12 मीटर लंबी बसों में कम से कम 4 आपातकालीन निकास अनिवार्य होना चाहिए, वहीं 12 मीटर से बड़ी बसों में 5 इमरजेंसी एग्जिट जरूरी। फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम (FDSS) 2019 से अनिवार्य होना चाहिए, लेकिन कई बसें इन नियमों को दरकिनार कर बनाई जा रही थीं।

NHRC ने राज्यों को दिए कड़े निर्देश
आयोग ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को आदेश दिया है कि सभी सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाली स्लीपर बसों को सड़क से तुरंत हटाया जाए। बसों की डिज़ाइन, निर्माण और फिटमेंट की पूरी जांच की जाए। हादसों के दोषियों पर जिम्मेदारी तय की जाए और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा सुनिश्चित किया जाए

यात्रियों की सुरक्षा पर NHRC का सख्त संदेश
NHRC का यह रुख स्पष्ट करता है कि यात्रियों की जान से खिलवाड़ अब बर्दाश्त नहीं होगा। बढ़ती घटनाओं और मिली शिकायतों के बाद आयोग ने यह साफ कर दिया है कि सड़क परिवहन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Share post:

Subscribe

spot_imgspot_img

Popular

More like this
Related