पेंटागन ने तोड़े हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से संबंध, एक झटके में सैन्य प्रशिक्षण से लेकर फेलोशिप तक बंद; जिन्न से है ताल्लुक

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अमेरिकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन ने अचानक हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के साथ अपने सारे संबंधों को तोड़ने का ऐलान किया है। इससे हड़कंप मच गया है।वाशिंगटन: पेंटागन ने एक बड़ा फैसला लेते हुए हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से अपने सारे संबंधों को तोड़ लिया है। पेंटागन के अधिकारियों ने शुक्रवार को कहा कि वह हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से सभी संबंधों को तोड़ रहा है। इतना ही नहीं पेंटागन ने यह भी ऐलान किया कि वह आइवी लीग संस्थान के साथ सभी सैन्य प्रशिक्षण, फेलोशिप और सर्टिफिकेट कार्यक्रम को बंद कर रहा है। इस घोषणा से हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के अधिकारियों और छात्रों में हड़कंप मच गया है। इसकी वजह जानकर आप हैरान हो जाएंगे।पेंटागन ने क्यों तोड़े संबंध?
पेंटागन ने यह घोषणा ट्रंप प्रशासन और हार्वर्ड के बीच लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध के चलते की है। इस फैसले को लिए जाने से पहले व्हाइट हाउस ने आइवी लीग स्कूल में सुधारों की मांग की थी। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के साथ पेंटागन के सैन्य और फेलोशिप जैसे संबंधों को टूटने की वजह एक जिन्न है। मगर यह जिन्न कोई पेड़ों पर रहने वाला नहीं, बल्कि कट्टरपंथ का जिन्न है, जो यहूदियों के खिलाफ भावानाओं को भड़का रहा है। इसके चलते अमेरिकी रक्षा विभाग को यह फैसला लेना पड़ा है। अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि हार्वर्ड “अब युद्ध विभाग या सैन्य सेवाओं की जरूरतों को पूरा नहीं करता।”
अधिकारियों के दिमाग में चढ़ा कट्टरपंथ का भूत
हेगसेथ ने कहा, “बहुत लंबे समय से इस विभाग ने हमारे सर्वश्रेष्ठ और सबसे प्रतिभाशाली अधिकारियों को यह उम्मीद करते हुए हार्वर्ड भेजा है कि विश्वविद्यालय हमारे योद्धा वर्ग को बेहतर समझेगा और सराहेगा। मगर इसके बजाय, हमारे बहुत से अधिकारी हार्वर्ड की तरह दिखने लगे। उनके सिर में (दिमाग में) ग्लोबलिस्ट और कट्टरपंथी विचारधाराओं से भर गए। जो हमारी लड़ाकू इकाइयों को बेहतर नहीं बनाते। हेगसेथ ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, “हार्वर्ड वोक है; युद्ध विभाग नहीं है। 2026-27 शैक्षणिक वर्ष से शुरू होकर, पेंटागन स्नातकोत्तर स्तर के पेशेवर सैन्य शिक्षा, फेलोशिप और सर्टिफिकेट कार्यक्रम बंद कर देगा। वर्तमान में हार्वर्ड में कक्षाएं ले रहे कर्मी उन कोर्स को पूरा कर सकेंगे।

ट्रंप के निशाने पर थी हार्वर्ड यूनिवर्सिटी
हार्वर्ड यूनिवर्सिटी लंबे समय से राष्ट्रपति ट्रंप के निशाने पर थी। ट्रंप प्रशासन ने अब देश के सबसे प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों को नियंत्रण में लाने की मुहिम चलाई है। उनके अधिकारियों ने हार्वर्ड के संघीय अनुसंधान फंडिंग में अरबों डॉलर की कटौती की है। इसके साथ ही अप्रैल में कैंपस द्वारा सरकारी मांगों की एक श्रृंखला को ठुकराने के बाद विदेशी छात्रों को नामांकन से रोकने की कोशिश की है। व्हाइट हाउस ने कहा है कि वह हार्वर्ड को कैंपस पर यहूदी-विरोधी पूर्वाग्रह को सहन करने के लिए सजा दे रहा है।

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