रिपोर्ट: विलास दलु पवार | ईखबर मीडिया
महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा के अवसर पर 19 मार्च 2026 को आयोजित एक जनसभा में Raj Thackeray ने राज्य की आर्थिक स्थिति को लेकर गंभीर मुद्दा उठाया। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में महाराष्ट्र पर कुल कर्ज लगभग 11 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है, जो राज्य के लिए चिंताजनक स्थिति है।
राज ठाकरे ने अपने भाषण में बताया कि जब Prithviraj Chavan मुख्यमंत्री थे, उस समय राज्य पर करीब 2 लाख करोड़ रुपये का कर्ज था। लेकिन 2014 से 2026 तक के 12 वर्षों में यह कर्ज तेजी से बढ़कर 11 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में सरकारों ने बिना ठोस योजना के कर्ज लिया, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति पर दबाव बढ़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर यही स्थिति जारी रही तो आने वाले समय में इसका असर आम जनता पर पड़ सकता है, जिसमें टैक्स बढ़ोतरी और महंगाई शामिल हो सकती है।
सभा में मौजूद लोगों ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई। मनसे अध्यक्ष ने राज्य सरकार से पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करते हुए कहा कि जनता को यह जानने का पूरा अधिकार है कि इतना बड़ा कर्ज किस कार्य में खर्च किया गया।
मुख्य बिंदु:
- महाराष्ट्र पर वर्तमान में लगभग 11 लाख करोड़ रुपये का कर्ज
- Prithviraj Chavan के समय कर्ज था करीब 2 लाख करोड़
- 12 वर्षों में कर्ज में तेज वृद्धि
- सरकार की आर्थिक नीतियों पर सवाल
- भविष्य में आम जनता पर बढ़ सकता है आर्थिक बोझ
निष्कर्ष:
राज ठाकरे का यह बयान महाराष्ट्र की राजनीति में आर्थिक मुद्दों को एक बार फिर केंद्र में ला सकता है। आने वाले समय में इस विषय पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना है।

