चतरा। झारखंड के चतरा जिले के प्रतापपुर थाना क्षेत्र गांव बसबुट्टा से आंगनबाड़ी केंद्र से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक महिला ने आंगनबाड़ी सेविका पर जाली सर्टिफिकेट के आधार पर नौकरी करने, सरकारी योजना के पैसे में घूस मांगने और विरोध करने पर मारपीट करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक और थाना प्रभारी से लिखित शिकायत कर मामले में कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार प्रतापपुर थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली सन्नू कुमारी ने आरोप लगाया है कि उनके बच्चे के नाम पर आंगनबाड़ी केंद्र से मिलने वाली योजना के तहत 5 हजार रुपये की राशि आई थी। आरोप है कि आंगनबाड़ी सेविका रामप्यारी देवी, पति सुखदेव यादव ने फॉर्म भरने के समय ही उनसे 1 हजार रुपये ले लिए थे। इसके बाद जब खाते में 5 हजार रुपये आए तो उन्होंने और 2 हजार रुपये देने की मांग की।
पीड़िता का कहना है कि जब उसने घूस देने से इनकार किया तो 7 फरवरी 2026 को दोपहर करीब 2 बजे आंगनबाड़ी केंद्र के पास रामप्यारी देवी पति: शुखदेव यादव उर्मिला कुमारी पति: दीपक कुमार विनोद यादव। पिता : शुखदेव यादव ने मिलकर उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की। आरोप है कि इस दौरान उसका बाल पकड़कर जमीन पर गिराया गया और बेरहमी से पीटा गया। इतना ही नहीं, उसकी गोद में मौजूद 11 महीने के बच्चे अभिमन्यु को भी जमीन पर पटक दिया गया, जिससे वह डर और दर्द से रोने लगा।
महिला ने यह भी आरोप लगाया कि मारपीट के दौरान उसके कपड़े तक फाड़ दिए गए, जिससे उसकी इज्जत पर भी आंच आई। पीड़िता का कहना है कि इस घटना में उसके पूरे शरीर में गंभीर दर्द है और आरोपी पक्ष ने धमकी दी है कि यदि उसने पुलिस या कहीं शिकायत की तो उसके पूरे परिवार को जान से मार दिया जाएगा।
सन्नू कुमारी ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चों के पोषण के नाम पर भारी लापरवाही की जा रही है। उनके मुताबिक बच्चों को मिलने वाली खिचड़ी सप्ताह में केवल एक दिन दी जाती है और कई बार केंद्र कई दिनों तक बंद रहता है।
पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक चतरा और थाना प्रभारी प्रतापपुर को लिखित आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और जाली सर्टिफिकेट के आधार पर कार्य कर रही आंगनबाड़ी सेविका को पद से हटाने की मांग की है।

