कैमूर (भभुआ)। बिहार के कैमूर जिले के मनिहारी प्रखंड अंतर्गत ग्राम खनाव में ग्रामीणों ने एक बार फिर मिसाल पेश करते हुए प्रशासनिक उदासीनता के बीच खुद ही सफाई अभियान शुरू कर दिया। गांव में लंबे समय से टूटी नाली और जलभराव की समस्या से परेशान ग्रामीणों ने जब कई बार शिकायत के बावजूद कोई समाधान नहीं देखा तो स्वयं फावड़ा और कुदाल उठाकर नाली की सफाई में जुट गए।
गांव निवासी संजय बिंद ने बताया कि गांव की नाली टूट जाने से जगह-जगह गंदगी का अंबार लग गया था। नाली जाम होने से बदबू और जलभराव की समस्या लगातार बढ़ रही थी, जिससे ग्रामीणों का निकलना तक मुश्किल हो गया था। इस समस्या को लेकर कई बार स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
इसके बाद गांव के लोगों ने स्वयं आगे आकर सफाई अभियान चलाने का निर्णय लिया। ग्रामीणों ने मिलकर न केवल नाली की सफाई की बल्कि आसपास फैली गंदगी को भी हटाया। इस दौरान गांव के युवा, बुजुर्ग और अन्य लोगों ने एकजुट होकर श्रमदान किया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि प्रशासन समय रहते ध्यान देता तो लोगों को खुद सड़क पर उतरकर सफाई नहीं करनी पड़ती।
ग्रामीणों ने कहा कि “स्वच्छ भारत, स्वस्थ भारत” का सपना तभी पूरा होगा जब प्रशासन और जनप्रतिनिधि अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाएं। हालांकि गांव वालों का यह प्रयास आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय बना हुआ है और लोग उनकी सराहना कर रहे हैं।
संजय बिंद समेत ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भविष्य में गांव की नाली का स्थायी निर्माण कराया जाए ताकि दोबारा ऐसी स्थिति उत्पन्न न हो। गांव वालों का कहना है कि फिलहाल उन्होंने समस्या का अस्थायी समाधान कर लिया है, लेकिन पक्की नाली निर्माण के बिना समस्या फिर लौट सकती है।
ग्रामीणों की इस एकजुटता और सामाजिक जिम्मेदारी को लेकर इलाके में उनकी जमकर प्रशंसा हो रही है। लोगों का कहना है कि अगर हर गांव इसी तरह जागरूक होकर सफाई और विकास के लिए आगे आए तो गांवों की तस्वीर बदल सकती है।

