बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के शिवाला कला थाना क्षेत्र स्थित ग्राम हीमपुर पृथ्या में संपत्ति विवाद ने अब ऐसा खौफनाक मोड़ ले लिया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। एक बुजुर्ग विधवा महिला ने अपनी ही पुत्रवधू पर मारपीट, मकानों पर कब्जा करने, घर से बेदखल करने और भूखा रखने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि पति और बेटे की मौत के बाद अब वह दर-दर भटकने और भीख मांगने को मजबूर हो गई है, लेकिन उसकी कहीं सुनवाई नहीं हो रही।
विधवा समला देवी पत्नी स्वर्गीय लल्लू सिंह का आरोप है कि बेटे सुमित कुमार की मौत के बाद उन्होंने अपनी पुत्रवधू सोनम को सहारा देने के लिए मकान में रहने दिया था। लेकिन धीरे-धीरे बहू ने पूरे परिवार की संपत्ति पर कब्जा जमाना शुरू कर दिया। पहले एक मकान पर कब्जा किया गया और अब उस दूसरे मकान पर भी कब्जा कर लिया गया, जहां खुद बुजुर्ग महिला रहती थी।
समला देवी का आरोप है कि बहू कई बार उनके साथ मारपीट कर चुकी है। उन्हें घर से धक्के देकर निकाला गया, खाने-पीने तक को मोहताज कर दिया गया और अब हालत यह है कि वह बेसहारा होकर इधर-उधर भटक रही हैं। पीड़िता का कहना है कि कई बार गांव के लोगों ने बीच-बचाव कराया, लेकिन विवाद लगातार बढ़ता चला गया।
महिला ने आरोप लगाया कि 8 मई 2026 को बहू सोनम अपने साथ कई लोगों को लेकर घर पहुंची और मकान का ताला तोड़कर कब्जा कर लिया। घर में रखे करीब 70 हजार रुपये नकद, एक तोला सोना और करीब दस तोला चांदी भी गायब हो गई। विरोध करने पर धमकियां दी गईं और उन्हें जबरन मकान से बाहर कर दिया गया।
इतना ही नहीं, समला देवी ने थाना शिवाला कला में तैनात दरोगा अजीत सिंह पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि दरोगा लगातार जमीन और मकान का बैनामा बहू के नाम कराने का दबाव बना रहे हैं। मना करने पर पूरे परिवार को जेल भेजने की धमकी तक दी गई। बुजुर्ग महिला का कहना है कि वह गरीब, विधवा और बेसहारा है, इसलिए उसकी कोई मदद नहीं कर रहा।
दूसरी ओर पुलिस की जांच रिपोर्ट में दोनों पक्षों के बीच संपत्ति विवाद और तनाव की पुष्टि की गई है। पुलिस ने शांति भंग की आशंका को देखते हुए धारा 126/135 बीएनएसएस के तहत कार्रवाई की है। हालांकि पुलिस ने कई आरोपों की पुष्टि न होने की बात कही है।
मामले में यह भी सामने आया है कि बहू सोनम पर पहले से मारपीट से जुड़े मुकदमे चल रहे हैं। गांव में इस पूरे विवाद को लेकर भारी तनाव और चर्चा का माहौल है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बुजुर्ग महिला की हालत बेहद खराब है और प्रशासन को मामले में निष्पक्ष जांच कर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।
अब सवाल यह उठ रहा है कि आखिर एक बुजुर्ग विधवा महिला को न्याय कब मिलेगा और क्या प्रशासन उसे दोबारा उसका आशियाना वापस दिला पाएगा या नहीं।

