कानपुर नगर। उत्तर प्रदेश के कानपुर नगर के रावतपुर क्षेत्र की रहने वाली मनीषा राजपूत ने अपने जीवन में एक के बाद एक हुए घटनाक्रम को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता का कहना है कि पहले पति द्वारा घरेलू हिंसा और प्रताड़ना झेलनी पड़ी, जिसके बाद सहारा देने का दावा करने वाले युवक ने शादी का भरोसा देकर उसका कथित रूप से शारीरिक और आर्थिक शोषण किया। अब आरोपी द्वारा संपर्क समाप्त कर देने के बाद वह न्याय के लिए पुलिस अधिकारियों के चक्कर लगा रही हैं।
मनीषा राजपूत के अनुसार, उनके पति अजय राजपूत शराब और जुए की लत के कारण अक्सर उनके साथ मारपीट करते थे। उनका आरोप है कि 1 मार्च 2026 को पति ने उन्हें उनकी एक वर्षीय बेटी आरोही के साथ घर से निकाल दिया। इसके बाद वह सहारे की तलाश में भटक रही थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात राहुल गौतम नामक युवक से हुई, जिसने कथित रूप से उन्हें और उनकी बेटी को अपनाने तथा शादी करने का आश्वासन दिया।
पीड़िता का आरोप है कि राहुल गौतम जिला रामपुर
थाना शाहजाद नगर गांव कल्याणपुर ने उन्हें अपने साथ रखने लगा और लंबे समय तक शादी का भरोसा देता रहा। उनका कहना है कि इसी विश्वास में दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने। बाद में राहुल उन्हें अपने गांव भी ले गया, जहां भी वह कथित रूप से शादी का आश्वासन देता रहा। पीड़िता का कहना है कि जब उन्होंने रिश्ते को कानूनी रूप देने और साथ रहने की बात कही तो विवाद शुरू हो गया।
मनीषा का आरोप है कि आरोपी ने उनसे लगभग 35 हजार रुपये तथा उनके सोने-चांदी के जेवर, जिनमें अंगूठियां, कान की झुमकियां, मंगलसूत्र और चांदी की पायल शामिल थीं, अपने पास रख लिए। इसके बाद वह उन्हें छोड़कर चला गया और कथित रूप से जान से मारने की धमकी भी दी। अब पीड़िता का कहना है कि आरोपी ने उनका मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कर दिया है और पिछले करीब 15 दिनों से किसी प्रकार का संपर्क नहीं कर रहा है।
पीड़िता का कहना है कि उन्होंने पूरे मामले की लिखित शिकायत थाना रावतपुर में दी, लेकिन अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने पुलिस आयुक्त से आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने, कथित रूप से हड़पी गई संपत्ति वापस दिलाने और अपनी व अपनी बेटी की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
फिलहाल इस समाचार में उल्लिखित सभी आरोप पीड़िता के आवेदन और उनके बयान पर आधारित हैं। संबंधित पक्ष का पक्ष तथा पुलिस जांच के निष्कर्ष सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी

