देश और दुनिया ने देखा है. कुछ शरारती बच्चों ने भद्दी-भद्दी गालियां बोलीं, किसी भी सभ्य समाज को शोभा न दे, ऐसे शब्दों का प्रयोग किया गया. मुझे तो गालियां दी ही गईं, मेरी स्वर्गीय माता को भी गालियां दी गईं. न जाने कितना भद्दा स्वरूप था लेकिन मैं आज बात करना चाहता हूं कि बचपन में गलतियां होती हैं और बचपन में गलतियों से सुधरने का अवसर भी होता है. यही तो बचपना है. और इसलिए मैं समाज के अंदर जो आक्रोश है, उसको भली-भांति समझ सकता हूं. एक कल्चरल शॉक है कि हमारी बेटियां इस प्रकार की भाषा कैसे बोल सकती हैं लेकिन समय है इन बच्चों को गले लगाकर के राह दिखाने का. ये गुमराह बच्चे हैं, उनको राह दिखाना हमारा काम ह
पीएम मोदी ने इंस्टाग्राम पर एक नया वीडियो पोस्ट किया है. इसमें उन्होंने कहा, जंतर-मंतर पर जो कुछ भी हुआ
Date:

