बिहार के सीतामढ़ी जिले के सुरसंड क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सरकारी दस्तावेज बनवाने की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सुनील मुखिया का आरोप है कि वह पिछले लगभग एक वर्ष से अपनी दूसरी पत्नी का आधार कार्ड बनवाने के लिए लगातार चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन आज तक उनका काम पूरा नहीं हो सका। उनका कहना है कि आधार कार्ड नहीं बनने से पूरा परिवार सरकारी योजनाओं और जरूरी सुविधाओं से वंचित हो गया है।
सुनील मुखिया के अनुसार उनकी पहली पत्नी का निधन हो चुका था, जिसके बाद उन्होंने दूसरी शादी की। वर्तमान में उनकी दूसरी पत्नी गर्भवती हैं। परिवार में तीन बच्चे भी हैं। उनका कहना है कि पत्नी का आधार कार्ड नहीं बनने के कारण न तो राशन कार्ड में उनका नाम जुड़ पा रहा है और न ही परिवार के अन्य आवश्यक सरकारी कार्य पूरे हो रहे हैं। इससे पूरे परिवार को आर्थिक और सामाजिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
पीड़ित का आरोप है कि करीब एक वर्ष पहले उन्होंने बग्रहण नामक एक व्यक्ति को आधार कार्ड बनवाने के लिए ढाई हजार रुपये दिए थे। आरोप है कि संबंधित व्यक्ति हर सप्ताह दो-तीन बार उन्हें बुलाता रहा, लेकिन आज तक यह स्पष्ट नहीं किया कि आखिर किस वजह से आधार कार्ड नहीं बन पा रहा है। सुनील का कहना है कि उन्हें केवल आश्वासन मिलता रहा, जबकि समस्या जस की तस बनी हुई है।
सुनील मुखिया ने बताया कि आधार कार्ड नहीं बनने के कारण उनकी पत्नी का नाम राशन कार्ड में दर्ज नहीं हो पा रहा है। साथ ही बच्चों से जुड़े कई आवश्यक दस्तावेज और सरकारी प्रक्रियाएं भी प्रभावित हो रही हैं। उनका कहना है कि परिवार को हर छोटे-बड़े काम के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और कई योजनाओं का लाभ भी नहीं मिल पा रहा है।
पीड़ित ने बताया कि उनकी पंजाब नेशनल बैंक के पास एक ऑनलाइन सेवा केंद्र की दुकान है। इसके बावजूद वह अपनी पत्नी का आधार कार्ड बनवाने में सफल नहीं हो सके। उनका आरोप है कि लगातार दौड़-धूप और आर्थिक नुकसान के बाद भी उन्हें न्याय नहीं मिला है। अब उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ कार्रवाई करने तथा उनकी पत्नी का आधार कार्ड शीघ्र बनवाने की मांग की है, ताकि परिवार सामान्य जीवन जी सके और सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सके।
हालांकि, इस पूरे मामले में संबंधित पक्ष का बयान सामने नहीं आया है। यदि उन पर लगाए गए आरोपों को लेकर उनका पक्ष प्राप्त होता है तो उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।

