2.0359 हेक्टेयर जमीन पर विवाद, शिकायतकर्ता बोला जमीन हमारी, फिर भी खेती कर फसल ले रहे दूसरे लोग
झालावाड़। भिलवाड़ा गांव में जमीन के कब्जे को लेकर विवाद अब पुलिस अधीक्षक के दरवाजे तक पहुंच गया है। समराई निवासी गजानन्द पुत्र छीतर लाल ने एसपी को शिकायत देकर श्याम मास्टर पर पुश्तैनी जमीन पर कथित रूप से कब्जा करने और दूसरे लोगों के जरिए जमीन पर खेती करवाकर फसल लेने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि जमीन के राजस्व रिकॉर्ड में कुल 18 खातेदारों के नाम दर्ज हैं, इसके बावजूद उसे अपनी हिस्सेदारी वाली जमीन पर खेती करने और कब्जा लेने से रोका जा रहा है।
शिकायत के मुताबिक विवादित जमीन ग्राम भिलवाड़ा में खाता संख्या 34 और पुराने खाता संख्या 27 में दर्ज है। इसमें खसरा नंबर 602, 603, 611 और 612 शामिल हैं। इन चारों खसरों का कुल रकबा 2.0359 हेक्टेयर बताया गया है। शिकायतकर्ता के अनुसार जमाबंदी में उसका नाम भी खातेदार के रूप में दर्ज है और उसका हिस्सा 1/24 बताया गया है।
जमीन हमारी, फिर भी दूसरे कर रहे खेती
गजानन्द ने शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके पूर्वजों ने उक्त जमीन पहले मुनाफा काश्त पर दी थी। बाद में संबंधित व्यक्ति की मृत्यु के बाद श्याम मास्टर ने कथित तौर पर जमीन पर कब्जा कर लिया। आरोप है कि इसके बाद जमीन की देखरेख और खेती के लिए अन्य लोगों को लगा दिया गया।
शिकायतकर्ता का दावा है कि भिलवाड़ा निवासी साबिर, अकबर, सिराज और हुसैन खान समेत कुछ अन्य लोग कथित तौर पर जमीन पर खेती कर रहे हैं और फसल अपने कब्जे में ले रहे हैं। गजानन्द का आरोप है कि जब उसने अपनी हिस्सेदारी वाली जमीन पर कब्जा लेने और खेती करने की बात कही तो उसे कथित तौर पर विरोध और धमकी का सामना करना पड़ा।
हिस्सेदारी दर्ज होने के बावजूद नहीं मिल रहा हक
शिकायतकर्ता के अनुसार राजस्व रिकॉर्ड में कई लोगों के नाम खातेदार के रूप में दर्ज हैं। ऐसे में उसका सवाल है कि जब जमाबंदी में उसका हिस्सा दर्ज है तो उसे अपनी जमीन पर खेती करने से क्यों रोका जा रहा है। उसका आरोप है कि जमीन से मिलने वाला मुनाफा भी उसे नियमित रूप से नहीं दिया जा रहा है।
चार खसरों में दर्ज है 2.0359 हेक्टेयर जमीन
प्रस्तुत जमाबंदी रिकॉर्ड के अनुसार खसरा नंबर 602 का क्षेत्रफल 0.5943 हेक्टेयर, खसरा नंबर 603 का 0.6070 हेक्टेयर, खसरा नंबर 611 का 0.4173 हेक्टेयर और खसरा नंबर 612 का 0.4173 हेक्टेयर दर्ज है। चारों खसरों का कुल रकबा 2.0359 हेक्टेयर बताया गया है। रिकॉर्ड में भूमि का वर्गीकरण बारानी प्रथम दर्ज है। जमाबंदी की प्रतिलिपि 5 मई 2026 को जारी होने की बात शिकायत में सामने आई है।
विरोध करने पर विवाद बढ़ने का आरोप
गजानन्द ने आरोप लगाया है कि जब वह जमीन पर अपना हक जताने पहुंचता है तो संबंधित लोगों की ओर से विवाद किया जाता है और उसे जमीन पर आने से रोका जाता है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसे डराया धमकाया भी गया, जिसके चलते उसने स्थानीय स्तर पर समाधान नहीं होने के बाद पुलिस अधीक्षक से शिकायत की।
एसपी से जांच और कार्रवाई की मांग
शिकायतकर्ता ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही जमीन पर वास्तविक कब्जे की स्थिति स्पष्ट कराने, कथित रूप से खेती कर रहे लोगों की भूमिका की जांच करने और धमकाने तथा जमीन पर जाने से रोकने के आरोपों पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

