इंदौर के गोराकुंड में नई पाइपलाइन टेस्टिंग के दौरान 40 करोड़ की लागत से बनी स्मार्ट सिटी सड़क धंस गई। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं।
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर के गोराकुंड क्षेत्र से एक बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। यहां गोराकुंड चौराहे के बेहद नज़दीक अचानक सड़क का एक बड़ा हिस्सा ज़मीन में धंस गया। यह घटना उस समय हुई जब क्षेत्र में बिछाई गई नई पानी की लाइन की टेस्टिंग का काम चल रहा था। टेस्टिंग के दौरान पानी के भारी दबाव के कारण सड़क के नीचे से अचानक पानी फूट पड़ा। इस घटना का एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें सड़क धंसने का भयावह दृश्य साफ तौर पर देखा जा सकता है।
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के निर्माण पर उठे गंभीर सवाल
गौरतलब है कि यह सड़क कोई आम सड़क नहीं है, बल्कि इसे इंदौर ‘स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट’ के तहत बनाया गया था। इस पूरी सड़क के निर्माण पर करीब 40 करोड़ रुपए की भारी-भरकम राशि खर्च की गई थी। इतने बड़े बजट और आधुनिक दावों के बावजूद महज पानी की टेस्टिंग के दौरान सड़क का इस तरह धंस जाना निर्माण की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े करता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि इतने बड़े बजट से बनी स्मार्ट सिटी की सड़कों की पहली ही जाँच में हवा निकल गई है।
CCTV में कैद हुआ हादसे का खौफनाक मंजर
घटना के दौरान पास में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में पूरी वारदात रिकॉर्ड हो गई। फुटेज में देखा जा सकता है कि पानी की नई लाइन की टेस्टिंग के दौरान जैसे ही पानी का दबाव बढ़ा, सड़क के निचले हिस्से की मिट्टी कट गई। देखते ही देखते सड़क का एक बड़ा हिस्सा ताश के पत्तों की तरह ढह गया और ज़मीन के अंदर समा गया। शुक्र इस बात का रहा कि हादसे के वक्त उस स्थान से कोई राहगीर या वाहन नहीं गुजर रहा था, वरना कोई बड़ा हादसा हो सकता था।
भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण सामग्री के आरोप
40 करोड़ रुपए की लागत से बनी सड़क के इस तरह धंसने के बाद स्थानीय प्रशासन और ठेकेदारों की कार्यप्रणाली पर उंगलियां उठने लगी हैं। नागरिकों का आरोप है कि सड़क निर्माण में घटिया सामग्री और लापरवाही बरती गई है। नई पानी की लाइन डालते समय सही तरीके से बेस तैयार नहीं किया गया था। फिलहाल पानी की सप्लाई को रोककर मामले की जाँच के आदेश दिए गए हैं, लेकिन इस घटना ने स्मार्ट सिटी के दावों की पोल खोलकर रख दी है।

