मशहूर गायक सोनू निगम और उनके हमनाम सोनू निगम सिंह के बीच सोशल मीडिया पर नाम और पहचान के इस्तेमाल का कानूनी विवाद खत्म हो गया है। बॉम्बे हाईकोर्ट में समझौते के बाद मामला सुलझ गया।
भारतीय संगीत जगत के मशहूर गायक सोनू निगम की पर्सनैलिटी और पब्लिसिटी राइट्स को लेकर चल रही कानूनी लड़ाई अब एक अच्छे मोड़ पर आकर खत्म हो गई है। अपने नाम, तस्वीर और डिजिटल पहचान के दुरुपयोग को रोकने के लिए गायक ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उनके हमनाम सोनू निगम सिंह के साथ सोशल मीडिया अकाउंट के डिस्प्ले नेम को लेकर शुरू हुआ यह विवाद आखिरकार दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति और समझौते के साथ औपचारिक रूप से निपट गया है।
डिजिटल भ्रम और विवाद की मुख्य वजह
पूरे मामले की शुरुआत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बने एक अकाउंट से हुई थी। मशहूर गायक सोनू निगम का मुख्य एतराज यह था कि उनके हमनाम सोनू निगम सिंह ने अपने X हैंडल का यूजरनेम सोनू निगम सिंह रखा था, लेकिन डिस्प्ले नेम में सिर्फ ‘सोनू निगम’ लिखा हुआ था। इसके साथ ही उस अकाउंट पर सिंगर की तस्वीर का भी उपयोग किया गया था। इस अकाउंट के हजारों फॉलोअर्स थे, जिसकी वजह से आम लोगों और फैंस के बीच यह भ्रम पैदा हो रहा था कि यह अकाउंट खुद प्लेबैक सिंगर सोनू निगम का ही आधिकारिक हैंडल है। गायक ने दलील दी कि इससे उनकी सालों से बनी प्रतिष्ठा और व्यक्तिगत अधिकारों का हनन हो रहा है।
हाईकोर्ट का रुख और अंतरिम आदेश
डिजिटल पहचान के इस अनूठे मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट के जस्टिस आरआई चागला ने सुनवाई करते हुए 11 जुलाई 2025 को एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश पारित किया था। अदालत ने अपने अवलोकन में माना कि ‘सोनू निगम’ नाम देश-विदेश में गायक की विशिष्ट पहचान और व्यक्तित्व से गहराई से जुड़ा हुआ है। कोर्ट ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए किसी भी अन्य व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया पर केवल ‘सोनू निगम’ नाम को डिस्प्ले नेम या मुख्य अकाउंट नेम के रूप में इस्तेमाल करने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी थी। हालांकि अदालत ने संतुलन बनाए रखते हुए यह भी साफ किया था कि प्रतिवादी सोनू निगम सिंह को अपना पूरा नाम इस्तेमाल करने का पूरा अधिकार है, बशर्ते उससे जनता में किसी प्रकार का भ्रम या गलतफहमी पैदा न हो।
आपसी सहमति और अंतिम फैसला
अदालत के अंतरिम रुख के बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत का रास्ता खुला और अंततः एक लिखित समझौते पर सहमति बन गई। बॉम्बे हाईकोर्ट ने इस आपसी समझौते की तमाम शर्तों को आधिकारिक रिकॉर्ड पर लेते हुए मुकदमे को पूरी तरह से बंद कर दिया। अदालत ने दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत किए गए आश्वासनों और वचनों को इस समझौते का हिस्सा स्वीकार किया है।
सेलिब्रिटी पब्लिसिटी राइट्स के लिए नजीर
यह मामला डिजिटल युग में सेलिब्रिटीज के पब्लिसिटी राइट्स, पर्सनैलिटी राइट्स और ट्रेडमार्क जैसी व्यक्तिगत संपत्तियों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद अहम माना जा रहा है। इंटरनेट के दौर में जहां फर्जी अकाउंट्स या भ्रामक नामों के जरिए प्रशंसकों को आसानी से गुमराह किया जा सकता है, वहां बॉम्बे हाईकोर्ट का यह फैसला स्पष्ट करता है कि नाम का दुरुपयोग कानूनन गलत है। एक ही नाम वाले दो व्यक्तियों के बीच शुरू हुई यह ‘सोनू निगम Vs सोनू निगम’ की कानूनी व डिजिटल लड़ाई अब न्यायिक सहमति के साथ शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त हो चुकी है। हाल ही में सोनू निगम की सर्जरी का वीडियो भी काफी सुर्खियों में रहा, जहां वो सर्जरी के बीच गाना गाते दिखे। इसके अलावा सोनू अपनी एक कॉमर्शियल प्रॉपर्टी की डील को लेकर भी खबरों में रहे।

