एशिया कप 2026 से ठीक पहले डिफेंडिंग चैंपियन श्रीलंका के लिए बुरी खबर आई है। टीम की ऑलराउंडर ड्यूमी विहांगा टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं।
ACC वूमेन्स T20 एशिया कप में अपने खिताब का बचाव करने उतरने से पहले श्रीलंका को बड़ा झटका लगा है। टीम की ऑलराउंडर ड्यूमी विहांगा चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गई हैं। उनकी जगह बाएं हाथ की स्पिनर निमाशा मीपागे को 15 सदस्यीय टीम में शामिल किया गया है। विहांगा को अभ्यास मैच के दौरान दाएं घुटने में चोट लगी थी। इसी वजह से वह टीम के साथ UAE के लिए रवाना नहीं हो सकीं। इस चोट के कारण उन्हें अपना T20 इंटरनेशनल डेब्यू करने के लिए अभी और इंतजार करना होगा। बता दें, वूमेन्स T20 एशिया कप 2026 का 28 अगस्त से UAE में आगाज होगा।
विहांगा के रिप्लेसमेंट का ऐलान
विहांगा की जगह शामिल की गईं निमाशा मीपागे श्रीलंका के लिए पहले ही T20 इंटरनेशनल खेल चुकी हैं। उन्होंने दिसंबर 2025 में अपना T20I डेब्यू किया था। अब तक वह श्रीलंका के लिए तीनों फॉर्मेट में कुल 14 मुकाबले खेल चुकी हैं। T20 इंटरनेशनल में उनके नाम नौ पारियों में 6 विकेट हैं। इस दौरान उनका गेंदबाजी औसत 38.33 और इकॉनमी रेट 7.66 रहा है।
विहांगा के बाहर होने के अलावा श्रीलंका की पूरी टीम में कोई बदलाव नहीं किया गया है। अनुभवी चामरी अटापट्टू टीम की कप्तानी करेंगी, जबकि हर्षिता समरविक्रमा उपकप्तान की भूमिका निभाएंगी। 15 सदस्यीय टीम में कौशिनी नुथ्यांगना इकलौती विकेटकीपर हैं।
लंका की नजर लगातार दूसरे खिताब पर
श्रीलंका को एशिया कप के ग्रुप बी में बांग्लादेश, इंडोनेशिया और UAE के साथ रखा गया है। मौजूदा चैंपियन टीम 29 अगस्त को UAE के खिलाफ मुकाबले से अपने अभियान की शुरुआत करेगी। श्रीलंका ने 2024 में दांबुला में खेले गए फाइनल में भारत को हराकर पहली बार वूमेन्स एशिया कप का खिताब जीता था। अब उसकी नजर लगातार दूसरी बार ट्रॉफी अपने नाम करने पर होगी। लंका से पहले पाकिस्तान भी अपनी टीम में बदलाव कर चुका है। पाकिस्तान ने चोट के कारण विकेटकीपर-बल्लेबाज नजीहा अल्वी के टूर्नामेंट से बाहर होने के बाद सदफ शमास को स्क्वाड में शामिल किया।
ACC वूमेन्स T20 एशिया कप के लिए श्रीलंका की टीम: चमारी अटापट्टू (कप्तान), इमेशा दुलानी, संजना कविंदी, विष्मी गुणरत्ने, हर्षिता समरविक्रमा (उपकप्तान), कविशा दिलहारी, निलाक्षिका सिल्वा, हसिनी परेरा, कौशिनी नुथ्यांगना (विकेटकीपर), सुगंधिका कुमारी, चामुडी प्रबोधा, चेतना विमुक्ति, काव्या कविंदी, मिथाली अयोध्या और निमाशा मीपागे।

