2 लाख रुपये दिए, डेढ़ लाख बाकी: भुगतान मांगने पर मुकदमा दर्ज कराने का आरोप, चाय-नाश्ते का काम करने वाले छगनलाल ने लगाई न्याय की गुहार

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सूरत। राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के गाजूना निवासी छगनलाल ने सूरत में अपने साथ कथित तौर पर हुए आर्थिक विवाद को लेकर शिकायत की है। छगनलाल के मुताबिक वह सड़क किनारे चाय और नाश्ते का काम करके परिवार का गुजारा करते थे। उनका कहना है कि चंदन सिंह और कृष्ण दोनों पार्टनर ने मिलकर पीड़ित छगनलाल से चालू होटल का चाय नाश्ते का सामान खरीद 3:30 लाख में और उससे जुड़े लेनदेन के दौरान उन्हें 2 लाख रुपये का भुगतान किया गया था, जबकि करीब डेढ़ लाख रुपये बाद में देने की बात कही गई थी।

छगनलाल का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति चंदन सिंह और किशन ने बाकी रकम करीब एक महीने बाद देने का भरोसा दिया था, लेकिन समय बीतने के बाद भी उन्हें शेष करीब डेढ़ लाख रुपये का भुगतान नहीं किया गया। पीड़ित का कहना है कि जब उन्होंने अपनी बकाया रकम मांगी तो मामले का समाधान करने के बजाय परिस्थितियां उनके लिए और मुश्किल हो गईं।

छगनलाल के मुताबिक बकाया रकम मांगने के बाद उनके खिलाफ ही मुकदमा दर्ज करा दिया गया। उनका कहना है कि वह अपनी मेहनत की कमाई और बकाया राशि वापस मांग रहे थे, लेकिन इसी बीच उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू हो गई। पीड़ित का दावा है कि मामले में उनकी बात को उचित तरीके से नहीं सुना जा रहा है।

पीड़ित ने बताया कि वह आर्थिक रूप से परेशान हैं और लगातार अपनी बकाया रकम की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि किसी लेनदेन को लेकर विवाद है तो दोनों पक्षों की बात सुनकर वास्तविक स्थिति सामने लाई जानी चाहिए। उनका आरोप है कि पैसा मांगने के बाद उन पर मुकदमा दर्ज होना उनके लिए चिंता का विषय बन गया है।

छगनलाल ने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि वाहन, भुगतान, शेष रकम और मुकदमे से जुड़े सभी दस्तावेजों एवं लेनदेन की जांच की जाए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। साथ ही उन्होंने अपनी बकाया करीब डेढ़ लाख रुपये की रकम दिलाने और यदि उनके खिलाफ दर्ज मुकदमा गलत तथ्यों पर आधारित पाया जाए तो नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

छगनलाल का कहना है कि वह राजस्थान के भीलवाड़ा जिले के गाजूना गांव के रहने वाले हैं और सूरत में मेहनत-मजदूरी तथा चाय-नाश्ते का काम कर अपना जीवन चलाते रहे हैं। उनका कहना है कि बड़ी रकम फंसने के कारण उनके सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। अब वह प्रशासन और पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं।

मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। संबंधित दूसरे पक्ष का बयान सामने आने के बाद ही पूरे विवाद की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

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