बक्सर, बिहार। ब्रह्मपुर ऑनलाइन गेमिंग के जरिए पैसे कमाने की उम्मीद लेकर गेम खेलने वाले एक व्यक्ति को भारी आर्थिक नुकसान होने का मामला सामने आया है। बिहार के बक्सर जिले के ब्रह्मपुर थाना क्षेत्र के रहने वाले पंकज का दावा है कि ऑनलाइन गेम खेलने के दौरान उन्हें पहले करीब 40 से 45 हजार रुपये का नुकसान हुआ था। अब उनका कहना है कि हाल ही में करीब 2 लाख रुपये और इस गेम में फंस गए हैं। अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने के लिए पंकज लगातार मदद की गुहार लगा रहे हैं। उनका कहना है कि इस घटना से वह बुरी तरह परेशान हैं और समझ नहीं पा रहे कि अपनी रकम वापस पाने के लिए कहां जाएं।
पंकज के मुताबिक, करीब तीन महीने पहले उन्होंने बीजी 91 और एक अन्य ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म पर पैसे लगाए थे। उनके दावे के अनुसार, शुरुआत में उन्होंने दो-दो हजार रुपये की रकम लगाई और धीरे-धीरे उन्हें करीब 40 से 45 हजार रुपये का नुकसान हो गया। इसके बाद भी उन्हें उम्मीद थी कि गेम के जरिए उनकी रकम वापस मिल सकती है। इसी उम्मीद में उन्होंने दोबारा गेम खेलना जारी रखा। पंकज का कहना है कि हाल ही में करीब 2 लाख रुपये की रकम इस गेम में फंस गई, जिसके बाद उनकी आर्थिक स्थिति और मानसिक परेशानी बढ़ गई।
पंकज ने बताया कि उनके लिए इतनी बड़ी रकम का नुकसान सहन करना बेहद मुश्किल हो रहा है। उनका दावा है कि गेमिंग प्लेटफॉर्म पर पैसे लगाने के बाद अब वह अपनी रकम वापस पाने के लिए परेशान हैं। उन्होंने जो स्क्रीनशॉट उपलब्ध कराए हैं, उनमें बीडीजी गेम नाम का एक ऑनलाइन प्लेटफॉर्म दिखाई दे रहा है। स्क्रीनशॉट में डिपॉजिट, विड्रॉ, वॉलेट और अलग-अलग गेम खेलने के विकल्प भी नजर आ रहे हैं। हालांकि, इन तस्वीरों से अपने आप यह साबित नहीं होता कि पंकज की पूरी 2 लाख रुपये की रकम इसी प्लेटफॉर्म पर जमा हुई थी या उसके वापस नहीं मिलने की क्या वजह है। इस संबंध में लेनदेन के रिकॉर्ड और प्लेटफॉर्म की जांच जरूरी होगी।
पीड़ित का कहना है कि वह अपनी रकम वापस पाने के लिए अलग-अलग जगह मदद मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक समाधान नहीं मिल पाया है। पंकज के अनुसार, इस आर्थिक नुकसान ने उन्हें गहरे तनाव में डाल दिया है। जिस रकम को उन्होंने अपनी जरूरतों और भविष्य के लिए बचाकर रखा होगा, उसके फंसने से वह परेशान हैं। वह चाहते हैं कि संबंधित अधिकारी उनकी शिकायत सुनें और लेनदेन की जांच कराकर रकम वापस दिलाने में मदद करें।
पंकज ने ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि किसी प्लेटफॉर्म पर लोग पैसे जमा करते हैं और बाद में अपनी रकम निकालने में परेशानी का सामना करते हैं, तो इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने सरकार और संबंधित विभागों से मांग की है कि ऐसे ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म की निगरानी की जाए, ताकि दूसरे लोग भी उनकी तरह आर्थिक नुकसान का शिकार न हों। हालांकि, संबंधित प्लेटफॉर्म के खिलाफ धोखाधड़ी का आरोप जांच के बाद ही प्रमाणित हो सकता है।
ऑनलाइन गेमिंग में पैसे लगाने के दौरान कई लोग जल्दी कमाई की उम्मीद करते हैं, लेकिन लगातार रकम लगाने से नुकसान बढ़ने का खतरा भी रहता है। किसी प्लेटफॉर्म पर पैसे जमा करने से पहले उसकी विश्वसनीयता, नियम और निकासी की शर्तों को समझना जरूरी है। यदि रकम निकालने में परेशानी हो या धोखाधड़ी का संदेह हो, तो लेनदेन की रसीदें, बैंक स्टेटमेंट, यूपीआई रिकॉर्ड, स्क्रीनशॉट और संबंधित बातचीत सुरक्षित रखना उपयोगी होता है। इन दस्तावेजों के आधार पर साइबर अपराध की शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
पंकज की मांग है कि उनके मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि जांच में धोखाधड़ी या अनियमितता सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। वह अपनी फंसी हुई रकम वापस पाने के लिए प्रशासन और संबंधित अधिकारियों से सहायता चाहते हैं। उनका कहना है कि वह पहले ही आर्थिक नुकसान झेल चुके हैं और अब दोबारा इतनी बड़ी रकम फंसने से बेहद परेशान हैं।
फिलहाल, पंकज की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित गेमिंग प्लेटफॉर्म का पक्ष भी सामने नहीं आया है। ऐसे में मामले की वास्तविक स्थिति लेनदेन के रिकॉर्ड, शिकायत और जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पीड़ित ने प्रशासन से अपील की है कि उसकी शिकायत पर गंभीरता से ध्यान दिया जाए, ताकि उसे न्याय मिल सके और ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर आर्थिक नुकसान उठाने वाले अन्य लोगों को भी सतर्क किया जा सके।

